सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 356, कुल 418 में से
संदर्भ में पढ़ें३४० : ज्योतिष-शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
उच्च विचार का, दीघं जीवी, घन संतान सेवक युक्त (फल०) ।
घनवान्, रूपवान, दाता, बुद्धिमान् मिष्टमाषी (खान०) ।
झनेक संतान और घन वाहन प्राप्त (जा० भ०) ।
लाभयुक्त, प्रगल्भ, सुभग, सुमागंगामी, लज्जा युवत, प्रतापी और आग्यगान्
(७० चं०) । सर्वत्र विख्यात, नित्य लाभयुक्त (q o जा०) 1
संतुष्ट, विषादी, घनी, (जा० पारि०) ।
विख्यात, गुणवान्, पंडित, भोग लक्ष्मी युक्त, गौर वर्ण, स्नेहकर्ता, स्त्री का परमसुख, पुत्रो सुख । बलीचंद्र--कूप यज्ञादि करने वाला (जा० सं०) । ;
उत्तम स्त्री, नाना प्रकार के मोती रत्न, गाँव, खेत, बगीचा आदि का लाभ, राजा
से या बेचने खरोदने से, या समुद्र तालाब आदि के सम्बन्ध से व्यापार में लास
(प्रा० यो०) ।
३-लाभ में मंगल का फल
देवताओं का हितेच्छुक, राजा के समान, स्त्रोवाला, पीड़ित, mil । उच्च का”
सौभाग्ययुक्त, घनवान्, तेजयुक्त, पुण्य कर्मी, घन का लोमी (मान०) 1
घन और सुखयुक्त, शूर, दुःख रहित, अच्छे भाचरण वाला (फल०) ।
घनवान्, दयालु, विशेष कामी, पंडित, सत्यमाषी (खान०) ।
तांबा, मूँगा, सुवणं ; ; श्रेष्ठ, Dn ` mem weve
बड़े राम युक्त, अनेक प्रकार के पकत्रान्नों को खाने वाला; निरोगी, राजाओं में
पुज्य, देव ब्राह्मण में प्रेम (ल० चं०) । घनवान् (qo जा०) ।
चतुर वचन बोलने वाळा, कामो, घनी, पराक्रमी (जा० पारि०) ।
नाना प्रकार के यन्त्र कला घातु वस्त्र सोना चाँदी से लाभ व राजा से द्रव्य,
अधिकार उन्नति आदि का लाभ हो (प्रा० यो०)।
हाथी घोड़ों की पंक्ति होवे, धनवान्, मानयुक्त, सत्यमाषी, दृढ्व्रती, घोड़ों से
युक्त, गीत गाने में प्रवीण, प्रियभाषी, शूरवीर, धनधान्य मानयुक्त, धन अग्नि या चोरों
से नष्ट (जा० go) । ;
४-लाभ में बुध का फल
शास्त्र में बुद्धि, स्वकुल हितेषो, कृश, घनो, स्त्रियों का प्यारा, मनोहर, श्याम मुर्ति,
हुम नेत्र (मात०) । दोर्घायु, सत्ययुक्त, बहुत घनी, सुखो, नौकरों सहित (फल०) ।
घनी, पुत्र सुख युक्त, समझदार, सरदार, स्वच्छहूदय (खान०) ।
सूर्यवत् फल (घनवान्) (qo जा०)। ` मोगो में आसक्त, अति धनवान्, नञ्ज, सदा आनन्द को प्राप्त, श्रेष्ठ शील, बलवान्
#नेक विद्याओं का अम्यासी (जा० भ०) ।
सदा लाम, रोगहीन, सदा सुखी , मनुष्यों का प्रेमी, वृत्ति ओ र यशयुक्त (७० so) ।
निपुण बुद्धि, विद्या, यक्ष वाला, घनी (जा० पारि०) ।