सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें४० : ज्योतिष-शिक्षा, तुतोय-फलित खण्ड
सूयं शनि का प्रभाव घटाता है परन्तु मंगल के आगे जाकर । शनि पर सूये को
दृष्टि होने से शनि का प्रभाव घट जाता है । इस रवि पर शनि की दृष्टि हो तो रवि
का धर्म जो प्रगट करता है उसे नष्ट करने के अतिरिक्त नया विपरीत घर्म प्रगट कर
देता है ।
बुध गुरु या शुक्र इनके बराबर शनि हो तो अच्छा फल देता है परन्तु मन्द गति
होने से कंजूसी से फल देता है। शनि और गुरु का दशम केन्द्र में योग हो या
केन्द्र या त्रिकोण योग हो तो उसे बड़ी योग्यता प्राप्त हो, राज्य अधिकार मिळे । शनि
कालपुरुष के राज्य में हल्के दर्ज का नोकर कहा गया है । शनि का बास नीली या काली
वस्तु में, जीर्ण पदाथं, बुरे स्थान और नीच जाति में है ।
राहु
रंग कृष्ण, पश्चिम दिशा का स्वामी, वायु, धातु, सपं, निद्रा, मुख, पितामह
एवं मोक्ष का कारक है यह नैऋत्य दिशा का भी स्वामी है। तालाब, धर्मशाला
आदि पर प्रभाव है ऊँचा कद, नीच वणं, रोम युक्त, पापो, असत्य वादी, कपटी,
बुद्धिहीन, वस्त्र जीर्ण, धातु सीसा, हिक्का रोग पर प्रभाव है । इसका मुख्य घमं
मारक है ।
राहु १-६-७-१२ स्थान में हानिकारक होता है । क्रूर नक्षत्र में तृतीय स्थान में
हो तो भाइयों को, चतुर्थ में माता को, पंचम में संतान फो, सप्तम में स्त्री को, दशम में
पिता को मारक होता है । नवम या दशम में राशि बली हो तो अपनी दशा में उन्नति
देता ë । दांत ओंठ के बाहर व मोटे घनुषाकार होना राहु का लक्षण है । यह स्वभाव
से पाप ग्रह है ।
केतु
रंग कृष्ण, चमं रोग, मातामह, नीच जाति, क्षुधा जनित कष्ट, हस्त, पाद और
मोक्ष का कारक है। फजूलखर्ची, लाल, उग्र दृष्टि, विष जिह्वा, ऊँची देह, . सशस्त्र,
पतित, धूम्र रंग, सदा धूम्रपान करने वाला, ब्रणांकित अंग, दुबळा और नृशंस, पात्र
मट्टी के वस्त्र विचित्र रंग के ।
राहु-केतु
होशियार, कार्य साघक, अल्प भाषी, प्रचंड कल्पना शक्ति, उच्च महत्वाकांक्षा, राज
कार्य और व्यवसाय में निमग्न; उद्योग रत, एक मार्गी, साघक-बाधक उपद्रवों का सोचने वाला, क्लिष्ट और गूढ़ विद्या प्राप्त करने को रुचि, शान्त और स्थिर स्वभाव,
सयुक्तिक भाषण, स्पष्ट वक्ता, निर्भीक, स्वार्थी, पराये दुःख में उदासीन, परोपकार
की इच्छा, प्राचीन धर्माभिमानी, वाद विवाद में कुशळ, मित्रता के योग्य, उत्साही,
समाज कार्यरत ।