सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें१२ चेष्टाओ के भाव
ग्रहों को अवस्थाएँ और चन्द्र क्रिया : ८१
(१) प्रवास-प्रबारा करना (परदेश जाना) (७) क्रोडित-सौख्य
(२) नष्ट-द्र व्य नष्ट
(३) मृत-मृत्यु, डर, या रोग
(४) जय-जय होना
(५) हास्म-स्त्री विलास
(६) रति-स्त्री विषय का सुख
(८) अवस्था-२ भेद ë
१ मुषुप्त-निद्रा फल
२ कलही-कलह
(९) मुक्ता-द्रेह पीड़ा
(१०) ज्वरा-भय होना
(११) कंपित-संताप व हानि, ताप (ज्वर)
(२२) सुस्थित -सोख्य
वर्ष प्रवेश आदि में भो विशेष कर चन्द्र को चेष्टा निकाल कर फल का विचार
होता है ।
ग्रहों के २७ व्यापार या अवस्था
अवस्था
१ शुद्घ समय jm
२ वस्त्र धारण-कपड़े पहिरना
३ qg धारण-तिलक या सुगन्ध
लगाना
४जप -पूजा की तैयारी
५ शिव पुजा -शिव पूजा
६ उपासना -पुजा
e विष्णु पूजा -विष्णु पूजा
८ विप्र पुजा -त्राह्मण पूजा
९ नमस्कार -घुटना टेकना
१० आअद्विप्रदक्षिण -परिक्रमा करना
११ वैश्वदेव आशा
१२ अतिथि पूजा -अतिथि सत्कार
१३ भोजन -भोजन
१४ विद्या परिश्रम-पढ़ना
२५ अक्रोध “क्रोध
१६ ताम्बूल “पान खाना
१७ नृपालय -दरवार प्रवेश
१८ गमन “यात्रा को तयारी
१९ जलपान -पानी पोना
२० आलस्य -देर
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फल अन्य मत से नाम
«उन्नति (१) स्नान
-अच्छा (२) वस्त्र धारण
-रक्षा (३) सुगन्च
-पुख (४) पूजा की तैयारी
-शत्रू, पर विजय (५) प्रार्थना करना ०
-मेळ (६) पूजा
-सफल्ता (७) बलि की तैयारी +
-शुभ (८) च्यात +
भोग (९) घुटना टेकना
-कठिनाई (१०) वेदी को परिक्रमा
बुरा (११) आशा
-बहुत आनन्द (१२) अतिथि सत्कार
-शुभ (१३) भोजन
-उन्नति (१४) जळ पीना *
-द्योक (१५) क्रोष
- कीति (१३) ताम्बूल भक्षण
-सफलता (१७) समा प्रवेश
-अच्छाबुरा मिश्रित (१८) आनंद शब्द उच्चारण
-सुख (१९) निजी मंत्रणा
-डर (२०) देरी