सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ३ (खण्ड १)
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 3 (Part 1)
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंग्रहो को अवस्थाएँ ओर चन्द्र क्रिया : ८३
(लग्न + सूर्य स्थान) सूर्य वर्ष
३ १० १२१९ ६
२१ निद्रा = फल बूरा ।
इस मत के अनुसार ग्रहो का व्यापार इस प्रकार दिया है
१३५२६१५६३२७५२ Mathes शेष
१ स्मान — उन्नति, अच्छा कुटुम्ब और संतान, आदर सफलता पूवंक
कार्य ।
२ वस्त्र घारण --भुषण, घन. प्रभाव, स्वाद, वस्त्र, लाभ ।
३ सुगन्ध -— मिलनसार, विदेश में लाभ, व्यापार, आदरणीय ।
४ पूजा की तैयारी --भूमि से लाभ, अच्छे वाहन, आदरणीय ।
५ प्रार्थना करना --भूमि का प्रेमी, राजनैतिक नाश, घन हानि, भारी दोषारोपण ।
६ पुजा धन) मिलनसारी, दुष्टों से मेल ।
७ बलि को तैयारी --पित्रज दुःख, अच्छी शिक्षा ।
८ घ्याल --धनवान, सम्बन्ध, भूमि से लाभ ।
९ घुटना टेकना --मघुर भाषण, अच्छा वाहन, दुहरे हृदय वाला ।
१० वेदी की परिक्रपा--जिगर के रोग, पेचिस, फौजदारी, मुकदमे बाजी ।
११ भाल्या --राजनैतिक शक्ति, इच्छित कुटुम्ब, सफल जोवन ।
१२ अतिथि सत्कार --विचार, जाहगिर, छिपे घन का खोजी ।
१३ भोजन --धोखेग्राज, रोगी, जाति से च्युत, धार्मिक द्वेष ।
१४ जल पीना — भोजन, नीच स्वभाव ।
१५ कोघ --मनुष्यों से घृणा, खुदगर्जी ।
१६ ताम्बूल भक्षण -उच्च सेवा, अच्छी शिक्षा, बहुत घन, कीति ।
१७ सभा प्रवेश--नियमित, घामिक, आदरणीय, निरपराघ 1
१८ आनन्द शाब्द उच्चारण--महान् सैनिक जीवन, भारी विद्या, धन, ।
१९ गुप्त संत्रणा ---आलसपन, मीठे शब्द, दुहरा हृदय वाला 1
,२० विलम्ब --विद्वान्, भद्दा, अकायंशोल, लापरवाह ।
२: निद्रा --दूसरों पर जीवन, कामी, रोगी, केर बर्ताव अपने बन्धुओं से 1
२२ पानी पीना -लापरवाह, मित्रों का बुरा करे, योग्य मनुष्यों को हानि दृष्टि से देखे,
हानि ( नष्ट होना ) ।
२३ सोठा पोना--निरोग, अच्छी सन्तान, सुन्दर स्त्री, बन्धुओ से मान, अच्छा भोजन ।
२४ घन प्राप्त --नवनशील, बडा लाभ, लाभ जनक व्यापार ||
२५ मुकुट उतारना--काम की हानि, दुःखो, मित्रों और बन्धुओं से त्यक्त ।
२६ गहरी निद्रा --कठिन रोग, राजनेतिक मुकदमा, पीना । s
२७ स्त्रो भोग --निरादर योग्य स्त्रियों में संलग्न, बुरे विचार, दुःखी, धोखेबाज, शक्की
और बदला लेने वाला ।