सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 161, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ेंमास प्रवेश साधन का उदाहरण : १५३
(७) सप्तम मास प्रवेश कुंडली । आदिवन कृ० १ शनिवार इष्ट २६-६-कुंम लग्न
पड़धिकरारी
१ जन्म ळग्नेश=वृघ २:वपं ,,. च्बुध ३ मास ,, =शनि
४ मुंयेश , = शनि ५ त्रिराशीश दिन कुंभ लग्न-गुरु
६ समय पति दिन सूयं राशीश-बुध
केवल बुध की लग्न पर प्रत्यक्ष वैरा
दृष्टि है । मासेश बुध हुआ ।
(८) अष्टम मास प्रवेश कुण्डली । कातिक कृ० १ सोमवार इष्ट ४५-५३-३६ ककं लग्न
३ मास ,, न्चंद्र
४ मुंथेश ,, =षानि ५ त्रिराशिपति रात्रि ककं लग्न=मं गछ
६ समय पति रात्रि चंद्र राशीश=मंगल
लग्ने-पर शनि व मंगळ की दृष्टि
नहीं है । बुध अर र चंद्र की लग्न पर गुप्त
बैरा दृष्टि'है । इसमें चन्द्र बलवान है ।-
चन्द्र मासेश नहीं होगा बुध मासेश होगा ।
(९) नवम मा० प्र० कुण्डली । मार्गशीर्षं कृ० २ बुध वार इष्ट ३४-३८-२ मिथुन लग्न
¥ १ / ` पड़धिकारी न . 4 जन्म रूग्नेश=्बुध
२वर्ष ,, च्बुध ३ मास ,, च्बुध ४ मुंथेश ,, =शनि
५ त्रिराशीश मिथुन लग्न=बुघ ६ समय पति राविऱ्बुध
लग्न पर किसी की दृष्टि नहीं है ।
जन्म लग्न को भी कोई नहीं देखता
इससे मुधेश शनि मासेश हुआ ।