सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 201, कुल 280 में से
संदर्भ में पढ़ेंवर्ष फल में भाव फल विचार : १९३
से इत्यशाल करता हो तो बल के अनुसार राज्य का लाभ हो । यदि धर्मेश कर्मे दोनों अस्तंगत या पाप पीडित हों तो धर्म का क्षय और राज्य नाश हो । छ चन्द्रमा-बली चन्द्रमा जन्म के मंगल की राशि में हो तो अन्य स्थान का लाभ ॥
दशम मंगल-यदि मंगल जन्म के शनि की राशि में रह कर वर्ष में दशम हो और मुन्या को देखे तो पाप कर्म आदि करने से राजदंड और धन नाश हो । दशम वर्षश-बलवान् वर्षेश दशम में हो तो राज्य लाभ, धन लाभ,यश लाभ हो । या बलवान वर्षश दशम को छोड़कर केन्द्र १, ४, ७ में हो तो घर सम्बन्धी
सुख प्राप्त हो ।
यदि वर्षेश, लग्नेश दशमेश इन सव का इत्थशाल होता हो तो राज्य दायक योग होता है ।
या वर्षेश राज्य सहम में हो सूर्य से इत्यशाल करता हो तो महाराजा हो । त ह मुन्या सूर्य युक्त हो या लग्न से दशम हो तो राज्य लाभ का सुख ।
शनि-अधिकारी शनि दशम हो तो लोह प्रहार से पीडा हो ।
दशम शनि-वर्षेश शनि, स्वगृही या उच्च में होकर दशम में हो तो निरोग रहे और धनागमन भी हो ।
दशम गुरु-वर्षेश गुरु स्वग्रही या उच्च का होकर दशम में हो तो निरोग रहे, धन मिले । ३
मंगल-वर्षेश मंगल स्वगृही या उच्च का होकर दशम में हो तो बाहुवल से घन प्राप्त हो ।
सूर्य-सूर्य वर्षेश स्वगृही या उच्च का होकर दशम में हो तो राजा से धन मिले। बुध-वर्षश बुध स्वगृही या उच्च का होकर दशम हो तो वैद्यक, ज्योतिष या शिल्प (कारी गरी) से लाभ हो ।
चन्द्र मंगळ-चन्द्र युक्त मंगल दशम हो तो घोड़ों आदि का नाश करता है । यय वर्षे होकर दशम हो तो निराशा हो तथा एक स्थान पर स्थिति ना होवे ' कपः -
यदि वर्षश सूर्य हो और जन्म के चन्द्रमा की राशि का वर्ष में शनि हो तो शुभ
कार्यों में विफलता हो । जन्म काल या वर्षकाल में बलहीन शनि हो या शनि वक्र या अस्तंगत हो तो भी उपरोक्त फल हो । " 2
दशमेश-यदि दशम स्थान, दशमेश तथा कमं सहमेश ये सब शनि से युक्त या
दृष्ट हो तो कार्य की हानि हो व्यर्थ परिश्रम हो ।
दशमेश दशम में शुभ ग्रह युक्त या दृष्ट हो, लग्नेश केन्द्र में हो तो अरिष्ट नास हो, राजा से धन मिले ।
लग्नेश आदि-यदि धनेश, नवमेश, बुध, लग्नेश बलहीन होकर दशम में हों तो
धन नाश हो मरण तुल्य कष्ट हो बहुत दोष करता है ।
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