सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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मासेद्य और दिनेश का फल : २०९
चतुर्थ शुक्र-धन लाभ आरोग्यता, राजा से मान, ऐब्वर्य वृद्धि, स्वजन और मित्रों से सुख । चतुर्थं शनि-राज भय, धन नाश, मातृ कुछ में कष्ट, विदेश गमने । चतुर्थ राहु-भ्रवास, मित्रों में विवाद, चिन्ता, पशुओं की हानि । चतुर्थं केतु-पिता की हानि, माता आदि का सुख नहीं, यदि उच्च का हो तो बन्धुओ से सुख हो परन्तु अपने स्थान में अधिक रहना न हो। मास प्रवेश में पंचम सूर्य-देह में पीड़ा, बुद्धि की हानि, धन हानि, स्त्री-पुत्र को कष्ट। > मांस प्रवेश में पंचम चंद्र-शुभ दृष्टि हो तो शरीर सुख, उत्सव, पुत्र सुख । मास प्रवेश में पंचम मंगल-दारीर कष्ट; धन हानि, पुत्र-स्त्री को कष्ट, बुद्धि हानि, मित्र भय ।
मास प्रवेश में पंचम बुध-राजा से मान, ऐश्वर्य बढे, स्त्री-पुत्र का सुख । मास प्रवेश में पंचम शुक्र-धन लाभ, अच्छी बुद्धि, स्त्री का सुख, तन्त्र विद्या में कुशलता । ग | पंचम शनि-धन क्षय, बुद्धि नाश, स्त्री पुत्र को कष्ट पेट में पीड़ा । पंचम राहु-पुत्रादिकों को कष्ट, उदर पीड़ा, भाई से विरोध, दुर्मति । पंचम केतु-बुद्धि का हवास, उदर में रोग, सन्तान की न्यूनता, राजपक्ष से आशा में बिलम्ब हो।
मास प्रवेश में छठा सूर्य-शत्रु नाश, राजा से मान, धन लाभ, स्त्री, पुत्र का . सुख, ऐदवर्य बढ़े।
छठा चन्द्र-कफ बात की पीड़ा, राजा व चोर से कष्ट, भाइयों से विरोध । छठा मंगल-शभु नाझ, राजा से मान, धन लाभ, मित्र सुख, हर्ष । छठा बुध-बात रोग, धन हानि, स्त्री पुत्र से भय, शत्रु बढे । छठा गुरुवछक्षीण, मित्रों से वेर, शत्रु वृद्धि, धन हानि, उद्वेग । छठा शुक्र-वात कफ रोग, कष्ट, राज भय, धन खर्च, कलह । छठा शनि-शत्रु नाश, राजः की कृपा, शरीर सुख, स्त्री पुत्र का सुख, धम की वृद्धि । श
छठा राहु-शनु नाश, शरीर सुख, धन लाभ, राजा की प्रसन्नता, स्त्री पुत्र सुख । छठ केतु-शत्रु नाश, व्याधि नाश, मामा से विरोध, चौपायों से सुख | मास वेश में सप्तम सूर्य-स्त्री को पीड़ा, गुदा, उदर मस्तक में रोग, धन हानि . परदेश यात्रा । £ सप्तम चंद्र-्त्री सुख, राजा से मान, व्यापार से अन्य स्थान में लाभ । सप्तम मंगल-स्त्री को हानि तथा कष्ट, भय, देश त्याग, शरीर में रोग । सप्तम बुध-धन लाभ, मार्ग में व्यापार द्वारा सुख । - सप्तम गुरुस्त्री सुख, राजा से सम्मान, व्यापार से धन लाभ ।
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