भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग ४

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 4

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished280 पृष्ठ

पृष्ठ 258, कुल 280 में से

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२५० : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, चतुर्थ वर्षफल खण्ड

है ,, +सध्यम 2.1 अधम थोड़े यत्न से प्राप्ति

४ ,, नसम १ + सम उत्तम प्राप्ति

५ मध्यम +उत्त म मध्यम +उत्तम प्राप्ति उत्तम

६ ,, ¬ मध्यम 7. मध्यम अति प्रयत्न से प्राप्ति

७ ,, पअधम ४ +अधम अधम कष्ट से प्राप्त '

८ , सम „ ञ+सम अति प्रयत्न से प्राप्ति

९ अधम+-उत्तम अधम-- उत्तम परिश्रम से थोड़ा प्राप्ति

१० ,, + मध्यम ४ +मध्यम अत्यंत प्रयत्न से प्राप्ति

११ ,, +अधम „ +अधम कार्य नाश, दुःखप्रद लाभ नहीं

१२ |, +सम १२ +सम अति प्रयत्न से कष्ट से प्राप्ति

१३ सम -- उत्तम सम +उत्तम उत्तमता से प्राप्ति

१४ ,, +मध्यम ४ +मध्यम यत्न से मध्यम लाभ

१५ , अधम „ +अधम कष्ट साध्य

१६ ,, असम ४ "सम मध्यम लाभ

यहाँ एक राशि स्थित शीध्र मंद ग्रहों का मुंथसिळ योग होने से भी कम्बूछ योग

हो जाता हैं ज॑से--

(१) उत्तमाधम कंत्रूल--चन्द्रमा ओर मंगल दोनों ककं राशि में इत्थशाली हों तो चन्द्रमा यहाँ स्वगृही है और मंगल नीच में है । यहाँ इत्थशाल योग के विचार से उत्तछ अधम कम्बूल हो जाता है।

(२) मध्यम कंबूल-मेप में चन्द्र और शनि परस्पर अंशों में मुयलिश हो तो यहाँ

चन्द्र स्वगृही या उच्च का नहीं है । स्वनवांश में हो तो शनि मेष का नीच में होता

है यह मध्यम अधम कम्वूल हुआ यह अशुभ फल कर्ता होता है ।

(३) मध्यमाधम कंवूळ-कन्या में शुक्र और चन्द्र होकर परस्पर इत्थशाळी हों

तो । यहाँ शुक्र नीच का है और चन्द्रमा कन्या में स्त्र नवांश में हुआ तो यह भी मध्यम अधम कंबूल हुआ ।

(४) मध्यमाधम कंवूल-चन्द्र और गुरु मकर में परस्पर मुंबसिल हो तो यहाँ गुरु नीच का है चन्द्र स्व नवांश में हो तो मध्यम अधम कबूल हो जाता है । (४) मध्यमाधम कंवूळ-मीन में चन्द्र और बुध होकर इत्यशाली हो वुध नीच का है चन्द्र स्व नवांश में हो तो मध्यम अधम कम्बूल हो जाता है ।

ये पाँचों उपरोक्त उदाहरण अशुभ फल देने वाले हैं ।

एक राशिस्थ अधमाधम योग नहीं हो सकता क्योंकि सव ग्रहों का एक सा नीच या शत्रु गृह नहीं होता । इस कारण नीचता शत्रुता और दृष्टि आदि के विचार से

एक राशि में यह योग होना असम्भव है । आगे ये प्रत्येक १९ योग उदाहरण देकर समझाये हैं ।

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