भारतकोश
समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य

समझ से प्राप्त ब्रह्मचर्य

Samaj Se Prapt Brahmacharya

दादा भगवान द्वारा

स्रोत: दादा भगवान आराधना ट्रस्ट, 'दादा दर्शन', उस्मानपुरा, अहमदाबाद · दादा भगवान आराधना ट्रस्ट · 2005 (उद्गम)

DevanagariHindipublished482 पृष्ठ

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[ १४ ]

नहीं डालना चाहिए दबाव... ३५४

ब्रह्मचर्य प्राप्त करवाए ब्रह्मांड का आनंदराजा-रानी का तलाक, शादी... ३५५
इससे क्या नहीं मिल सकता?३९९ व्रत की विधि से, टूटते हैं... ३५७
समझो गंभीरता, ब्रह्मचर्य व्रत...३०२ साधना, 'संयमी' के संग ३५९
आजीवन ब्रह्मचर्य, शुरू करवाए...३०३ अक्रम में ऐसे आश्रम की... ३६१
चारित्र का सुख कैसा बरते३०६ ब्रह्मचर्य के बिना नहीं जा... ३६२
फायदा उठाएँ या नुकसान रोके?३०८ मन बिगड़े तब ३६४

[ १५ ]

'विषय' के सामने विज्ञान सेजागृति सपने के भोग का पूर्वापर... ३६५
आकर्षण के सामने चाहिए...३११ दावावाणी निकली ब्रह्मचारियों... ३६८
पूर्व में चूके, उसके ये फल हैं३१४ ब्रह्मचर्य का एक और... ३६९
वहाँ पर देखो शुद्धात्मा ही३१६ दृष्टि से ही बिगड़ता है... ३७०
पुद्गल का स्वभाव ज्ञान से...३१७ किसी की बहन पर दृष्टि... ३७१
दृष्टि निर्मल कर सकते हैं ऐसे३१८ प्रतिक्रमण ही एक उपाय ३७२
विचार ध्यान में तो परिवर्तित...३२० कैसा मोह, कि शौक से... ३७४
देखने से पिघलें, गँठि विषय३२१ 'जवानी' सँभल जाए तो ३७५
'देखना' 'जानना' आत्मस्वरूप से३२६ आनंद की अनुभूति वहाँ ३७८
जहाँ जागृति में झोंका, वहाँ ...३२८ व्यवहार गढ़ता है ब्रह्मचारियों... ३८०
अंत में तो आत्मरूप ही...३३१ निश्चय के साथ में वचनबल... ३८३

[ १६ ]

फिसलनेवालों को उठाकर दौड़ातेहैं इसमें कर्मबंधन के नियम ३८८
सिर-माथे पर रखना ज्ञानी को...३३४ ब्रह्मचर्य, चार्ज या डिस्चार्ज ? ३९०
जानो गुनाह के फल को पहले३३५ विषय टूटे, विरोधी बनने पर ३९१
व्यापार में खो गए कि खोए...३३५ आलोचना, आपत्तपुरुष से ही ३९५
एक ध्येय, एक ही भाव३३७ अब तो उधार चुका दो ३९७
जिस राह पर चले, बताई ...३४० वह पाए परमात्म पद ३९७

[ १८ ]

'दादा' बोलते ही दादा हाजिरदादा देते पुष्टि, आपत्तपुत्रियों को ३९९
ध्येयी का हाथ थामें, दादा...मोह ढक देता है जागृति को ३९९
ज्ञानी मिटाए अनंतकाल के रोगशादी करने का आधार निश्चय... ४०२

[ १७ ]

अंतिम जन्म में भी ब्रह्मचर्य तो आवश्यकदोष, आँखों का या अज्ञानता... ४०३
बिना निराई किए हुए खेतइस विवाह-संबंध के स्वरूप... ४११
नूर झलकता है ब्रह्मचर्य काआकर्षण कुछ के प्रति ही... ४१२
दोनों में से उच्च कौन सा?ऐसी 'समझ' कौन देगा? ४२०
चारित्रबल से कांपती हैं स्त्रियाँकल्याण करना है या कल्याण... ४२३

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