सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 107, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहै. आप आनंददायी होने के साथसाथ चेतना जगाने वाले भी हैं. आप जल से मिल कर मीठा रस बरसाने वाले बरतन में विराजिए. (४) सोम उ ष्वाणः सोतृभिरधि ष्णुभिरवीनाम्. अश्व्येव हरिता याति धारया मन्द्रया याति धारया.. (५) यजमान सोमरस निचोड़ते हैं. सोमरस भेड़ के बालों से बनी छलनी से छन कर नीचे कलश में गिरता है. यह हरा और आनंददायी है. यह धारा से मटकों में जाता है. (५) तवाह ॐ सोम रारण सख्य इन्दो दिवेदिवे. पुरूणि बभ्रो नि चरन्ति मामव परिधी ॐ रति तां इहि.. (६) हे सोम! हम आप की मित्रता में हर दिन रमे रहें. कई दुष्ट राक्षस हमें कष्ट देते हैं. आप उन सब का नाश कीजिए. (६) मृज्यमानः सुहस्त्या समुद्रे वाचमिन्वसि. रयिं पिशङ्गं बहुलं पुरुस्पृहं पवमानाभ्यर्षसि.. (७) हे सोम! आप को अच्छे हाथों की अच्छी अंगुलियों से निकाला गया है. आप पवित्र करने वाले हैं. आप कलश में जाते समय आवाज करते हैं. आप आराधकों को चाहा गया एवं पीला धन (स्वर्ण) देते हैं. (७) अभि सोमास आयवः पवन्ते मद्यं मदम्. समुद्रस्याधि विष्टपे मनीषिणो मत्सरासो मदच्युतः.. (८) सोमरस वेगवान है. वह मन को भाने वाला है. सोमरस आनंददायी है. पानी से भरे मटकों में साफ कर के सोमरस डाला जाता है. (८) पुनानः सोम जागृविरव्या वारैः परि प्रियः. त्वं विप्रो अभवो ऽ ङ्गिरस्तम मध्वा यज्ञं मिमिक्ष णः.. (९) हे सोम! आप जाग्रति देने वाले, प्रिय व पवित्र हैं. आप भेड़ के बालों से बनी छलनी में छन कर नीचे गिरते हैं. आप अंगिरस ऋषियों की परंपरा में सब से श्रेष्ठ हैं. आप बुद्धिवर्द्धक हैं. आप हमारे इस यज्ञ को पवित्र कीजिए. (९) इन्द्राय पवते मदः सोमो मरुत्वते सुतः. सहस्रधारो अत्यव्यमर्षति तमी मृजन्त्यायवः.. (१०) सोमरस आनंददायी है. वह साफ छाना हुआ है. वह मरुतों से युक्त इंद्र के लिए तैयार किया जाता है. सोमरस अनेक धाराओं वाला है. यह छलनी में छन कर शुद्ध होता है. फिर यजमान मंत्रों से इसे और शुद्ध करते हैं. (१०) पवस्व वाजसातमो ऽ भि विश्वानि वार्या. ebook converter DEMO Watermarks*