भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 202, कुल 310 में से

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पृष्ठ 202

वीरपुत्र प्रदान करने की कृपा कीजिए. (४) त्वं हि नः पिता वसो त्वं माता शतक्रतो बभूविथ. अथा ते सुम्नमीमहे.. (५) हे इंद्र! आप ही हमारे पिता और माता हैं. हम आप के पुत्र अच्छे मन से आप से अच्छे सुख चाहते हैं. आप शतकर्मा हैं. (५) त्वा शुष्मिन्पुरुहूत वाजयन्तमुप ब्रुवे सहस्कृत. स नो रास्व सुवीर्यम्.. (६) हे इंद्र! आप सहस्रकर्मा (हजार काम करने वाले) हैं. आप शक्तिमान हैं. आप आह्वान के योग्य हैं. आप हमें श्रेष्ठ वीर्यवान बनाने की कृपा कीजिए. (६) यदिन्द्र चित्र म इह नास्ति त्वादामाद्रिवः. राधस्तन्नो विदद्वस उभयाहस्त्या भर.. (७) हे इंद्र! आप अद्भुत हैं. आप जैसी आर्थिक सामर्थ्य हमारी नहीं है. आप दोनों हाथों से हमें भरपूर धन प्रदान (हाथ भरभर कर) कीजिए. (७) यन्मन्यसे वरेण्यमिन्द्र द्युक्षं तदा भर. विद्याम तस्य ते वयमकूपारस्य दावनः.. (८) हे इंद्र! आप वरेण्य व तेजस्वी हैं. आप हमें भरपूर समृद्धि (ऐश्वर्य) प्रदान कीजिए. उस धन को पा कर हम भी दानदाता की सामर्थ्य वाले हो जाएं. (८) यत्ते दिक्षु प्रराध्यं मनो अस्ति श्रुतं बृहत्. तेन दृढा चिदद्रिव आ वाजं दर्षि सातये.. (९) हे इंद्र! आप आराधना के योग्य, यशशाली और बहुत विशाल हैं. आप हमें ऐसा धन दीजिए, जिस से हम दृढ़ चित्त वाले हो जाएं. आप हमें सामर्थ्यशाली बनाएं. (९)