सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ
पृष्ठ 213, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 213
त्वां देवा अबिभ्युषस्तुज्यमानास आविषुः.. (८) हे इंद्र! आप ने अपने बल से गायों को चुराने वाले राक्षसों के जत्थे को नष्ट किया. राक्षसों के नाश के बाद सारे देवता इकट्ठे हुए. फिर वे सभी देवता तब आप के साथ संगठित हुए. (८) इन्द्रमीशानमोजसाभि स्तोमैरनूषत. सहस्रं यस्य रातय उत वा सन्ति भूयसीः.. (९) इंद्र हजारों दान देने वाले, बहुत ओजस्वी व बहुत क्षमतावान हैं. उन की सर्वत्र भूरिभूरि प्रशंसा होती है. हम सभी को इंद्र की स्तुति करनी चाहिए. (९)