सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 229, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंकीजिए, किसी दूसरे देवता की नहीं. आप बारबार और देवताओं की स्तुति में समय और क्षमता नष्ट मत कीजिए. आप सामूहिक रूप से इंद्र की उपासना कीजिए. (४) अवक्रक्षिणं वृषभं यथा जुवं गां न चर्षणीसहम्. विद्वेषण २४ संवननमुभयङ्करं म १४ हिष्ठमुभयाविनम्.. (५) इंद्र महान हैं. वे भौतिक और पारलौकिक दोनों वैभव देने वाले, यजमानों के आराध्य देव, शत्रुओं से द्वेष रखने वाले, शत्रुओं के नाशक, शीघ्र जाने वाले और बैल की तरह बलपूर्वक संघर्ष करने वाले हैं. आप उन्हीं इंद्र की स्तुति कीजिए. (५) उदु त्ये मधुमत्तमा गिरः स्तोमास ईरते. सत्राजितो धनसा अक्षितोतयो वाजयन्तो रथा इव.. (६) हे इंद्र! आप वैभवदाता व निरंतर रक्षक हैं. मधुर वाणी वाली स्तुतियां घोड़े वाले रथ के समान हैं, युद्ध में प्रिय लगने वाले अस्त्रशस्त्र (उपकरणों) के समान हैं. (६) कण्वा इव भृगवः सूर्या इव विश्वमिद्धीतमाशत. इन्द्र २४ स्तोमेभिर्महयन्त आयवः प्रियमैधासो अस्वरन्.. (७) कण्व ऋषि की तरह भृगुओं ने भी इंद्र का साक्षात्कार किया. वे सूर्य की तरह अखिल विश्व में व्याप्त हैं. भृगु इंद्र की महिमा वैसे ही बखान करने लगे, जैसे यजमान (इंद्र की) महिमा का बखान करते हैं. (७) पर्यू षु प्र धन्व वाजसातये परि वृत्राणि सक्षणिः. द्विषस्तरध्या ऋणया न ईरसे.. (८) हे सोम! आप की कृपा से कर्जा खत्म हो जाता है. आप दुश्मनों के नाश के लिए उसी प्रकार प्रेरित होने की कृपा कीजिए, जिस प्रकार पराक्रमी इंद्र वृत्रासुर का नाश करने के लिए प्रेरित हुए थे. आप हमें अच्छे पोषक अन्न प्रदान करें. (८) अजीजनो हि पवमान सूर्य विधारे शक्मना पयः. गोजीरया र २४ हमाणः पुरन्ध्या.. (९) हे सोम! आप पवित्र हैं. आप सूर्य को उत्पन्न करने की और सूर्य जल धारण करने की सामर्थ्य रखते हैं. सूर्य पृथ्वीलोक में जीवन को गतिशील बनाने में समर्थ हैं. (९) अनु हि त्वा सुत २४ सोम मदामसि महे समर्यरराज्ये. वाजाँ अभि पवमान प्र गाहसे.. (१०) हे सोम! हम आप के अनुगामी, आप के पुत्र और आप की कृपा से सुखपूर्वक निवास करते हैं. हम आप की कृपा और क्षमता से ही कोई कार्य कर पाते हैं. (१०) परि प्र धन्वेन्द्राय सोम स्वादुर्मित्राय पूष्णे भगाय.. (११) हे सोम! आप स्वादिष्ट हैं. आप मित्र, पूषा, भग और धन्वेन्द्र (गोस्वामी इंद्र) के लिए ebook converter DEMO Watermarks*