भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 239, कुल 310 में से

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पृष्ठ 239

अभि वायुं वीत्यर्षा गृणानो ३ ऽ भि मित्रावरुणां पूयमानः. अभी नरं धीजवन २४ रथेष्ठामभीन्द्रं वृषणं वज्रबाहुम्.. (१) हे सोम! आप स्तुति के बाद वायु, मित्र और वरुण को प्राप्त होने की कृपा कीजिए. आप नेतृत्ववान, बुद्धिदाता और रथ पर सवार अश्विनीकुमारों की ओर पहुंचें. आप वज्रबाहु इंद्र को प्राप्त होइए. (१) अभि वस्त्रा सुवसनान्यर्षामि धेनूः सुदुघाः पूयमानः. अभि चन्द्रा भर्त्तवे नो हिरण्याभ्यश्वान्रथिनो देव सोम.. (२) हे सोम! आप हमें उत्तम वस्त्र, अच्छे दूध वाली गाएं, सुनहरा सोना व धन दीजिए. आप हमें रथ के लिए उत्तम घोड़े दीजिए. (२) अभी नो अर्ष दिव्या वसून्यभिः विश्वा पार्थिवा पूयमानः. अभि येन द्रविणमश्वावामाभ्यार्षेयं जमदग्निवन्नः.. (३) हे सोम! आप हमें दिव्य धन पृथ्वीलोक के सारे वैभव दीजिए. हमें श्रेष्ठ धन को श्रेष्ठ कार्यों में लगाने की क्षमता प्राप्त हो. हमें जमदग्नि आदि ऋषियों जैसी क्षमता प्रदान करने की कृपा कीजिए. (३) यज्जायथा अपूर्व्य मघवन्वृत्रहत्याय. तत्पृथिवीमप्रथयस्तदस्तभ्ना उतो दिवम्.. (४) हे इंद्र! शत्रु नाश हेतु आप प्रकट हों. आप के कारण स्वर्गलोक को स्थिरता व पृथ्वीलोक को दृढ़ता मिली. (४) तत्ते यज्ञो अजायत तदर्क उत हस्कृतिः. तद्विश्वमभिभूरसि यज्जातं यच्च जन्त्वम्.. (५) हे इंद्र! आप के प्रकट होने पर सूर्य स्थापित हुए व उत्पन्न हुए. उस के बाद प्राणी उत्पन्न होने शुरू हुए. आप सभी प्राणियों में व्याप्त हो गए. आप ने श्रेष्ठ यज्ञ कर्मों को उपजाया. (५) आमासु पक्वमैरय आ सूर्य २४ रोहयो दिवि. घर्मं न सामन्तपता सुवृक्तिभिर्जुष्टं गिर्वणसे बृहत्.. (६) हे इंद्र! आप ने स्वर्गलोक में सूर्य को स्थापित किया. यजमान जैसे अग्नि प्रकट करते हैं, वैसे ही हे यजमानो! आप बृहतसाम गा कर इंद्र में प्रसन्नता प्रकट कराइए. इंद्र ने शिशु की उत्पत्ति से पहले ही पुष्टिकारी तत्त्व (दूध) उत्पन्न कर दिए. (६) मत्स्यपायि ते महः पात्रस्येव हरिवो मत्सरो मदः. वृषा ते वृष्ण इन्दुर्वार्जी सहस्रसातमः.. (७) हे इंद्र! आप हरे घोड़ों वाले, विशाल पात्र की भांति, शक्तिमान, हर्षदायी व बलदायी हैं. ebook converter DEMO Watermarks*