भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 240, कुल 310 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 240

सोमरस अनगिनत दानदाता है. आप उसे पीजिए और अपना आनंद बढ़ाइए. (७) आ नस्ते गन्तु मत्सरो वृषा मदो वरेण्यः सहावाँ इन्द्र सानसिः पृतनाषाडमर्त्यः.. (८) हे इंद्र! सोमरस बलदायी, हर्षदायी, उत्तम, अमर, शत्रु विजेता और मददायी हैं. आप इस सोमरस को पीने की कृपा कीजिए. (८) त्वं हि शूरः सनिता चोदयो मनुषो रथम्. सहावान्दस्युमव्रतमोषः पात्रं न शोचिषा.. (९) हे इंद्र! आप शूरवीर व दानशील हैं और मनुष्यों को सन्मार्ग पर प्रेरित करते हैं. अग्नि की ज्वाला जैसे तपाती है, वैसे ही आप शत्रुओं को तपाते हैं. (९) ebook converter DEMO Watermarks*