भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 242, कुल 310 में से

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पृष्ठ 242

यदि सुतेभिरिन्दुभिः सोमेभिः प्रतिभूषथ. वेदा विश्वस्य मेधिरो धृषत्ततमिदेषते.. (८) हे यजमानो! आप चमकीला, रसीला सोमरस ले कर इंद्र के पास जाइए. वे शरणागत की मनोकामना जान लेते हैं. वे उन की इच्छा पूरी करते हैं. वे विघ्न, क्लेश दूर करते हैं. (८) अस्माअस्मा इदन्धसो ऽध्वर्यो प्र भरा सुतम्. कुवित्समस्य जेन्यस्य शर्धतो ऽभिशस्तेरवस्वरत्.. (९) हे पुरोहितो! सोमरस इंद्र के लिए प्राणभूत है. आप उन्हें खूब सोमरस भेंट कीजिए. वे जीतने योग्य शत्रुओं को नष्ट करेंगे. वे आप की रक्षा करेंगे. (९) दूसरा खंड बभ्रवे नु स्वतवसे ऽरुणाय दिविस्पृशे. सोमाय गाथमर्चत.. (१) हे यजमानो! सोम ललाई वाले भूरे और शक्तिमान हैं. वे स्वर्गलोक को स्पर्श करते हैं. आप उन दिव्य सोम की उपासना कीजिए. (१) हस्तच्युतेभिरद्रिभिःसुत ॐ सोमं पुनीतन. मधावा धावता मधु.. (२) हे यजमानो! पत्थरों से कूट कर सोमरस निकाला गया है. स्वच्छ कर के छाना गया है. आप उस सोमरस में गाय का दूध मिलाइए. (२) नमसेदुप सीदत दध्नेदभि श्रीणीतन. इन्दुमिन्द्रे दधातन.. (३) हे यजमान! आप सोमरस में दही मिलाइए. इस सोमरस को नमस्कारपूर्वक पवित्र बनाइए. उस के बाद आप यह सोमरस इंद्र को पीने के लिए भेंट कीजिए. (३) अमित्रहा विचर्षणिः पवस्व सोम शं गवे. देवेभ्यो अनुकामकॄत्.. (४) हे सोम! आप पवित्र हैं. आप सब कुछ देखने वाले हैं. आप देवताओं के लिए उन की इच्छानुसार काम करने वाले हैं. आप शत्रुहंता हैं. आप हमारी गायों के लिए सुखशांति प्रदान कीजिए. (४) इन्द्राय सोम पातवे मदाय परि षिच्यसे. मश्चिन्मनसस्पतिः.. (५) इंद्र मन के मालिक हैं. वे मन में रमते हैं. ऐसे इंद्र के पीने के लिए, मद देने के लिए सोमरस परिष्कृत होता है. (५) पवमान सुवीर्य ॐ रयि ॐ सोम रिरीहि णः. इन्दविन्द्रेण नो युजा.. (६) हे सोम! आप पवित्र व अच्छे वीर्यवान हैं. आप हमें इंद्र से जोड़िए. आप हमें उन से चाहा गया धन प्राप्त कराने की कृपा कीजिए. (६) उद्घेदभि श्रुतामघं वृषभं नर्यापसम्. अस्तारमेषि सूर्य.. (७) ebook converter DEMO Watermarks*