सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 263, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे इंद्र! आप शचीपति, शक्तिमान, धनवान, सौभाग्यवान और यशस्वी हैं. हम आप का अनुगमन करते हैं. (७) पौरो अश्वस्य पुरुकृद्गवामस्युत्सो देव हिरण्ययः. न किर्हि दानं परि मर्धिषत्वे यद्यद्यामि तदा भर.. (८) हे इंद्र! आप अश्व, गौ आदि पशुओं का पालन करते हैं. स्वर्णमयी मुद्रा से जैसे प्रसन्नता होती है, वैसे ही आप को देख कर प्रसन्नता होती है. कोई भी आप के दान को भूल नहीं सकता. आप हमें भरपूर धन दीजिए. (८) त्व २३ होहि चेरवे विदा भगं वसुत्तये. उद्वावृषस्व मघवन्गविष्टय उदिन्द्राश्वमिष्टये.. (९) हे इंद्र! आप हमें धन देने के लिए पधारिए. आप सन्मार्ग पर चलने वाले को सौभाग्यवान बनाइए. आप हमारी गौ संबंधी इच्छाओं को पूरा कीजिए. (९) त्वं पुरू सहस्राणि शतानि च यूथा दानाय म २३ हसे. आ पुरंदरं चकृम विप्रवचस इन्द्रं गायन्तो ऽ वसे.. (१०) हे इंद्र! आप सैकड़ोंहजारों गायों के झुंड देने व शत्रु नगरियों को नष्ट करने की सामर्थ्य रखते हैं. यजमान अपनी रक्षा के लिए साम मंत्र गा रहे हैं. इंद्र ब्राह्मणों के वचनों से युक्त हैं. हम उन को आमंत्रित करते हैं. (१०) यो विश्वा दयते वसु होता मन्द्रो जनानाम्. मधोर्न पात्रा प्रथमान्यस्मै प्र स्तोमा यन्त्वग्नये.. (११) हे अग्नि! आप धनदाता, होता व आनंददाता हैं. सोमरस से भरे पात्र आप तक पहुंचें. सर्वप्रथम हम आप की स्तुति करते हैं. वे स्तुतियां भी आप तक पहुंचें. (११) अश्वं न गीर्भी रथ्य २३ सुदानवो मर्मृज्यन्ते देवयवः. उभे तोके तनये दस्म विश्पते पर्षि राधो मघोनाम्.. (१२) हे अग्नि! सारथी जैसे रथ में जोते गए घोड़ों को जोश दिलाने के लिए बोलता रहता है, वैसे ही यजमान आप के लिए स्तुतियां बोलते हैं. आप राक्षसों से धन छीन कर अपने उपासकों को देने की कृपा कीजिए. आप उत्तम कोटि के दानदाता हैं. (१२) दूसरा खंड इमं मे वरुण श्रुधी हवमद्या च मृडय. त्वामवस्युरा चके.. (१) हे वरुण! आप हमारी इन स्तुतियों पर कान (ध्यान) दीजिए. आप हमें सुख दीजिए. हम आप से अपनी रक्षा की प्रार्थना करते हैं. (१) ebook converter DEMO Watermarks*