भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 274, कुल 310 में से

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पृष्ठ 274

नीव शीर्षाणि मृढ्वं मध्य आपस्य तिष्ठति. शृङ्गेभिर्दशभिर्दिशन्.. (९) हे यजमानो! अभीष्ट फलदायी इंद्र हमारे यज्ञ के मध्य उपस्थित हैं. हम सिर झुका कर उन दर्शनीय इंद्र का दर्शन करें. (९)