सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ
पृष्ठ 62, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 62
वयं घा ते अपि स्मसि स्तोतार इन्द्र गिर्वणः. त्वं नो जिन्व सोमपाः.. (८) हे इंद्र! हम आप के प्रशंसक व पूजक हैं. आप सोम पान करने वाले हैं. आप हमें संतुष्टि (तृप्ति) प्रदान कीजिए. (८) एन्द्र पृक्षु कासु चिन्नृम्णं तनूषु धेहि नः. सत्राजिदुग्र पौरुष्यम्.. (९) हे इंद्र! आप बहुत शक्तिमान हैं. आप हमारे अंगों में शक्ति दीजिए, हमें ऐसी शक्ति दीजिए जिस से हम अपने सारे शत्रुओं को एक साथ जीत सकें. (९) एवा ह्यसि वीरयुरेवा शूर उत स्थिरः. एवा ते राध्यं मनः.. (१०) हे इंद्र! आप वीर व अडिग हैं. आप वीर शत्रुओं का भी नाश कर सकते हैं. आप धैर्यवान हैं. आप का मन स्तुतियों से आराधना करने योग्य है. (१०)