सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 63, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंतीसरा अध्याय पहला खंड अभि त्वा शूर नोनुमो ऽ दुग्धा इव धेनवः. ईशानमस्य जगतः स्वर्द्दशमीशानमिन्द्र तस्थुषः.. (१) हे इंद्र! आप इस जग के व जड़चेतन के स्वामी हैं. आप सब कुछ देख सकते हैं. जैसे थनों में दूध लिए गाएं बछड़ों के पास जाने के लिए उतावली रहती हैं, वैसे ही हम उतावले हो कर आप को प्रणाम करते हैं. (१) त्वामिद्धि हवामहे सातौ वाजस्य कारवः. त्वां वृत्रेष्विन्द्र सत्पतिं नरस्त्वां काष्ठास्वर्वतः.. (२) हे इंद्र! स्तुति करने वाले यजमान हवि दान के लिए आप को आमंत्रित करते हैं. आप सत्य (या सज्जनों) के पालनहार हैं. हम तथा दूसरे सभी शत्रु या घोड़ों से संबंधित युद्धों में मदद के लिए आप को ही पुकारते हैं. (२) अभि प्र वः सुराधसमिन्द्रमर्च यथा विदे. यो जरितृभ्यो मघवा पुरूवसुः सहस्रेणेव शिक्षति.. (३) हे यजमानो! इंद्र पशु आदि बहुत प्रकार के धन वाले हैं. वे अपनी स्तुति करने वाले को बहुविध धन देते हैं. आप श्रेष्ठ धन देने वाले इंद्र की हर प्रकार से पूजाअर्चना करें. (३) तं वो दस्ममृतीषहं वसोर्मन्दानमन्धसः. अभि वत्सं न स्वसरेषु धेनव इन्द्रं गीर्भिर्नवामहे.. (४) हे यजमानो! जैसे गाएं बछड़ों को देख कर खुशी से रंभाती हैं, वैसे ही आप भी सोमरस पीने से प्रसन्न इंद्र के लिए स्तुति गाइए. वे शत्रुओं (दुःखों) का नाश करने वाले हैं. (४) तरोभिर्वो विदद्वसुमिन्द्र २३ सबाध ऊतये. बृहद्गायन्तः सुतसोमे अध्वरे हुवे भरं न कारिणम्.. (५) हे यजमानो! इंद्र के बहुत तेज गति वाले घोड़े हैं. वे इंद्र बहुत धनदाता हैं. वे बाधाओं से हमारी रक्षा करते हैं. हम बृहतसाम गाते हुए उन को उसी प्रकार रक्षा के लिए बुलाते हैं, जैसे बच्चे अपनी रक्षा के लिए अपने मातापिता को बुलाते हैं. (५) तरणिरित्सिषासति वाजं पुरन्ध्या युजा. ebook converter DEMO Watermarks*