सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 77, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंजगृह्मा ते दक्षिणमिन्द्र हस्तं वस्यवो वसुपते वसूनाम्. विद्मा हि त्वा गोपति शूर गोनामस्मभ्यं चित्रं वृषण रयिं दा:.. (५) हे इंद्र! आप बहुत धनवान हैं. हम धन बल की कामना करते हैं. अतः आप का दाहिना हाथ ग्रहण करते हैं. हम जानते हैं कि आप गौओं के स्वामी हैं. आप हमें हमारी इच्छा पूरी करने वाले अनेक धन दीजिए. (५) इन्द्रं नरो नेमधिता हवन्ते यत्पार्या युनजते धियस्ता:. शूरो नृषाता श्रवसश्च काम आ गोमति व्रजे भजा त्वं न:.. (६) हे इंद्र! युद्ध और संकट के समय में युद्ध करने वाले मनुष्य युद्ध में (और यज्ञ में) आप को सहायता के लिए बुलाते हैं. आप शूरवीर व धनदाता हैं. आप गायों और पशुओं के बाड़े में हमें पहुंचा दीजिए, ताकि हम अन्न, धन व बल तीनों का लाभ पा सकें. (६) वयः सुपर्णा उप सेदुरिन्द्रं प्रियमेधा ऋषयो नाधमाना:. अप ध्वान्तमूर्णहि पूर्धि चक्षुर्मुगुग्ध्या ३ स्मान्निधयेव बद्धान्.. (७) अच्छे पंखों वाली चिड़िया के समान यज्ञ से प्रेम रखने वाली सूर्य की किरणें इंद्र तक पहुंचती हैं. हे इंद्र! आप अब अंधेरे को दूर कीजिए. आप आंखों को प्रकाश से भर दीजिए. आप रस्सी से बंधे हुए के समान हम को उन बंधनों से छुड़ाइए. (७) नाके सुपर्णमुप यत्पतन्त हृदा वेनन्तो अभ्यचक्षत त्वा. हिरण्यपक्षं वरुणस्य दूतं यमस्य योनौ शकुनं भुरण्युम्.. (८) हे सूर्य! आप पक्षी की तरह आकाश में उड़ने वाले हैं. आप वेग वाले हैं. आप सब का पालनपोषण करने वाले हैं. वरुण के दूत हैं. आप को लोग मन से स्नेह करते हैं (चाहते हैं). आप को लोग अग्नि के उत्पत्ति स्थान अंतरिक्ष में पक्षी की तरह उड़ते हुए देखते हैं. (८) ब्रह्म जज्ञानं प्रथमं पुरस्ताद्वि सीमतः सुरुचो वेन आव:. स बुध्न्या उपमा अस्य विष्ठाः सतश्च योनिमसतश्च विव:.. (९) वेन गंधर्व पैदा हुए. उन्होंने सब से पहले उत्पन्न होने वाले ब्रह्मतेज का उपदेश किया. उस तेज से सब को प्रकाशित किया. उन्होंने खासतौर पर उस तेज को अंतरिक्ष में स्थापित किया. जो पैदा हो चुके और जो पैदा होंगे, उन सब का कारण भी वही ब्रह्मतेज है. (९) अपूर्व्या पुरतमान्यस्मै महे वीराय तवसे तुराय. विरप्शिने वज्रिणे शन्तमानि वचा स्यस्मै स्थविराय तक्षु:.. (१०) हे इंद्र! आप महान वीर व बलवान हैं. आप जल्दी काम करने वाले हैं. आप पूजनीय व वज्रधारी हैं. आप के लिए यजमान बहुत सी सुखदायी स्तुतियां गा रहे हैं. (१०) दसवां खंड ebook converter DEMO Watermarks*