भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 82, कुल 310 में से

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पृष्ठ 82

हे इंद्र! तिरश्चि (ऋषि) आप की उपासना कर रहे हैं. आप उन की प्रार्थना सुनने की कृपा कीजिए. आप महान हैं. आप हमें धनवान, गोवान व श्रेष्ठ वीर्यवान बनाने की कृपा कीजिए. (५) असावि सोम इन्द्र ते शविष्ठ धृष्णवा गहि. आ त्वा पृणक्त्विन्द्रियं २% रजः सूर्यो न रश्मिभिः.. (६) हे इंद्र! आप बलवान, शत्रुजित एवं अंतरिक्ष को सूर्य की तरह प्रकाशित करने वाले हैं. सोमरस आप को भी अपार शक्ति से भर दे. (६) एन्द्र याहि हरिभिरुप कण्वस्य सुष्टुतिम्. दिवो अमुष्य शासतो दिवं यय दिवावसो.. (७) हे इंद्र! आप तेजोमय हैं. आप घोड़ों की सहायता से कण्व ऋषि की प्रार्थनाएं सुनने के लिए स्वर्गलोक से पृथ्वीलोक पर पधारिए. आप को हमारे लोक में भी सुख मिलेगा. आप कुछ समय यहीं वास करने के लिए पधारिए. (७) आ त्वा गिरो रथीरिवास्थुः सुतेषु गीर्वणः. अभि त्वा समनूषत गावो वत्सं न धेनवः.. (८) हे इंद्र! आप उपासना के योग्य हैं. सोमयज्ञ में हमारी प्रार्थनाएं वैसे ही आप के पास पहुंचती हैं, जैसे गाएं झटपट अपने बछड़ों के पास पहुंचती हैं और योद्धा रथ पर चढ़ कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचता है. (८) एतो न्विन्द्रं २% स्तवाम शुद्धं २% शुद्धेन साम्ना. शुद्धैरुक्थैर्वावृध्वा २% स २% शुद्धैराशीर्वान्ममत्तु.. (९) हे इंद्र! आप जल्दी आइए. हम शुद्धता से साम और यजु मंत्र पढ़ कर आप की उपासना कर रहे हैं. हम बल बढ़ाने वाला मंत्रों से शुद्ध किया और गाय के दूध में मिला हुआ सोमरस आप को भेंट कर रहे हैं. वह सोमरस आप की प्रसन्नता बढ़ाए. (९) यो रयिं वो रयिन्तमॊ यो द्युम्नैर्द्युम्नवत्तमः. सोमः सुतः स इन्द्र ते ऽ स्ति स्वधापते मदः.. (१०) हे इंद्र! आप शक्तिमान, सुंदर एवं प्रकाशमान हैं. उपासकों की आहुति आप को आनंद देने वाली हो. (१०) ebook converter DEMO Watermarks*