भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 85, कुल 310 में से

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पृष्ठ 85

हे यजमानो! आप क्षमतावान इंद्र के लिए प्रार्थना गाइए. आप उन शत्रुनाशक के लिए श्रेष्ठ प्रार्थना गाइए. ऐसा करने से हम पर, हमारी संतान पर और हमारे मित्रों पर उन की कृपा होगी. (४) विश्वानरस्य वस्पतिमनानतस्य शवसः. एवैश्च चर्षणीनामूती हुवे रथानाम्.. (५) हे मरुद्गणो! आप के सैनिकों पर आक्रमण होता है तो इंद्र रक्षा करते हैं. वे शत्रुओं के सैनिकों पर आक्रमण करने वाले हैं. उन को कोई नहीं जीत सकता. हम रथों की रक्षा हेतु उन शक्तिमान को आमंत्रित करते हैं. (५) स घा यस्ते दिवो नरो धिया मर्तस्य शमतः. ऊती स बृहतो दिवो द्विषो अ ☡ हो न तरति.. (६) हे इंद्र! वह व्यक्ति आप के दिव्य संरक्षण में रहता है. वह व्यक्ति पाप एवं दुश्मनों से रक्षित रहता है, जो व्यक्ति यजमान की प्रभावी प्रार्थनाओं से आप का सखा बन जाता है. (६) विभोष्ट इन्द्र राधसो विभ्वी रातिः शतक्रतो. अथा नो विश्वचर्षणे द्युम्नं सुदत्र म ☡ हय.. (७) हे इंद्र! आप धनवान, सर्वज्ञाता, सैकड़ों यज्ञ करने वाले, विलक्षण महिमाशाली हैं. आप हमें धन दीजिए और संपन्न बनाइए. (७) वयश्चित्ते पतत्रिणो द्विपाच्चतुष्पादूर्जुनि. उषः प्रारन्नृतू ☡ रनु दिवो अन्तेभ्यस्परि.. (८) हे उषा! आप प्रकाशवाली हैं. आप जब उदय हो जाती हैं तो अंतरिक्ष में पक्षी दूरदूर तक उड़ते हैं. पशु भी विचरण करते हैं. मनुष्य भी गतिशील हो जाते हैं. (८) अमी ये देवा स्थन मध्य आ रोचने दिवः. कद्व ऋतं कदमृतं का प्रत्ना व आहुतिः.. (९) हे देवगणो! कृपया आप हमें यह बताइए कि जब सूर्योदय होता है और आकाश प्रकाशित हो जाता है तब हमारी प्रार्थना आप तक पहुंचती है या नहीं? हमारी विशेष आहुति को आप पाते हैं या नहीं? (९) ऋच ☡ साम यजामहे याभ्यां कर्माणि कृण्वते. वि ते सदसि राजतो यज्ञं देवेषु वक्षतः.. (१०) हम यजमान ऋग्वेद और सामवेद के मंत्रों से यज्ञ करते हैं. इन मंत्रों से हम जो कार्य करते हैं, वही इस यज्ञ सदन से देवताओं तक पहुंच पाता है. (१०) तीसरा खंड ebook converter DEMO Watermarks*