सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 96, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे इंद्र! आप शत्रुओं का सर्वनाश करने वाले हैं. आप हमें भरपूर धन दीजिए. हम उसी के लिए आप की उपासना करते हैं. (१) एष ब्रह्मा य ऋत्विय इन्द्रो नाम श्रुतो गृणे.. (२) हे इंद्र! आप ज्ञाता हैं. आप ऋतु के अनुकूल कार्य करते हैं. आप का प्रसिद्ध नाम इंद्र है. हम आप की उपासना करते हैं. (२) ब्रह्माण इन्द्रं महयन्तो अर्कैरवर्धयन्नहये हन्तवा उ.. (३) हे इंद्र! हम आप के यज्ञ की बढ़ोतरी करते हैं. हम अहि राक्षस के नाश के लिए बुद्धिपूर्वक रचे गए मंत्रों से आप की स्तुति करते हैं. (३) अनवस्ते रथमश्वाय तक्षुस्त्वष्टा वज्रं पुरुहूत द्युमन्तम्.. (४) हे इंद्र! कई ऋषि मुनि आप की उपासना करते हैं. देवताओं ने आप के घोड़ों के लिए रथ बनाया है. त्वष्टा (देवताओं के शिल्पकार) ने आप के लिए द्युमान (चमचमाते) वज्र का निर्माण किया है. (४) शं पदं मघ रयीषिणो न काममव्रतो हिनोति न स्पृशद्रयिम्.. (५) यजमान देवताओं की कृपा से धन व सुख की प्राप्ति करते हैं. वे अच्छे भवन की प्राप्ति करते हैं. जो यज्ञायाग नहीं करते, उन्हें इन सब की प्राप्ति नहीं होती है. (५) सदा गावः शुचयो विश्वधायसः सदा देवा अरेपसः.. (६) हे यजमानो! गाएं पवित्र व पाप रहित होती हैं. वे सभी प्राणियों (विश्व) का भरणपोषण करने वाली होती हैं. (६) आ याहि वनसा सह गावः सचन्त वर्तनिं यदूधभिः.. (७) हे उषा! आप आइए. आप दूध से भरे थनों वाली गायों को वन से साथ ले कर पधारिए. (७) उप प्रक्षे मधुमति क्षियन्तः पुष्येम रयिं धीमहे त इन्द्र.. (८) हे इंद्र! हम मधुयुक्त चम्मचों से झरता हुआ धनधान्य पाएं. हम आप के पास रहने के लिए इच्छुक हैं. हम आप से धन पाना चाहते हैं. हम आप का ध्यान धरते हैं. (८) अर्चन्त्यर्कं मरुतः स्वर्का आ स्तोभति श्रुतो युवा स इन्द्रः.. (९) हे मरुद्गण! आप उत्तम व प्रकाशमान हैं. इंद्र उपासना के योग्य हैं. हम उन की उपासना करते हैं. इंद्र जवान, प्रसिद्ध व शत्रुनाशक हैं. (९) प्र व इन्द्राय वृत्रहन्तमाय विप्राय गाथं गायत यं जुजोषते.. (१०) ebook converter DEMO Watermarks*