भारतकोश
सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Samaveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished310 पृष्ठ

पृष्ठ 98, कुल 310 में से

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पृष्ठ 98

ऊर्जा मित्रो वरुणः पिन्वतेडाः पीवरीमिषं कृणुही न इन्द्र.. (९) हे इंद्र! मित्र और वरुण हमें ऊर्जस्वी धन प्रदान करते हैं. आप हमारे अन्न को और अधिक पौष्टिक बनाने की कृपा कीजिए. (९) इन्द्रो विश्वस्य राजति.. (१०) इंद्र विश्व की शोभा हैं. (१०) बारहवां खंड त्रिकद्रुकेषु महिषो यवाशिरं तुविशुष्मस्तृम्पत्सोममपिबद्विष्णुना सुतं यथावशम्. स ईं ममाद महि कर्म कर्तवे महामुरु 𑚫 सैन 𑚫 सश्चद्देवो देव 𑚫 सत्य इन्दुः सत्यमिन्द्रम्.. (१) उत्तम दिव्य गुणों वाला सोमरस इंद्र को प्राप्त हुआ. शक्तिशाली इंद्र ने विष्णु के साथ सोमरस को पीया. उस सोमरस में जौ का आटा मिलाया. वह तृप्तिकारी और त्रिलोक में व्याप्त था. उस ने इंद्र को महान कार्य करने की भी प्रेरणा प्रदान की. (१) अय 𑚫 सहस्रमानवो दृशः कवीनां मतिर्ज्योतिर्विधर्म. ब्रध्नः समीचीरुषसः समैरयदरेपसः सचेतसः स्वसरे मन्युमन्तश्चिता गोः.. (२) सूर्य हजारों मनुष्यों का हित करने वाले कवि, देखने योग्य, प्रकाशमान व अंधकारभेदक हैं. वे उषा को भेजते हैं. उन के प्रकाश के सामने चंद्रमा और दूसरे नक्षत्रों की चमक फीकी लगती है. (२) एन्द्र याह्युप नः परावतो नायमच्छा विथानीव सत्पतिरस्ता राजेव सत्पतिः. हवामहे त्वा प्रयस्वन्तः सुतेष्वा पुत्रासो न पितरं वाजसातये म 𑚫 हिष्ठं वाजसातये.. (३) हे इंद्र! आप सज्जनों के पालनहार हैं. जैसे अग्नि यज्ञशाला में पधारते हैं, वैसे ही आप हमारे पास पधारते हैं. आप सत्पति हैं. जैसे दुश्मनों को हरा कर राजा घर आता है, वैसे ही आप अंतरिक्षलोक से हमारे पास पधारते हैं. हम युद्ध में मदद के लिए उसी तरह आप का आह्वान करते हैं, जैसे अन्नादि के लिए पुत्र पिता को बुलाते हैं. हम अन्न आदि भोग के साथ अन्नादि की प्राप्ति के लिए आप का आह्वान करते हैं. (३) तमिन्द्रं जोहवीमि मघवानमुग्र 𑚫 सत्रा दधानमप्रतिष्कुतं 𑚫 श्रवा 𑚫 सि भूरि. म 𑚫 हिष्ठो गीर्भिरा च यज्ञियो ववर्त्त राये नो विश्वा सुपथा कृणोतु वज्री.. (४) हे इंद्र! आप धनवान, उग्र व बलवान हैं. आप को कोई नहीं हरा सकता है. सभी यज्ञों में आप की पूजा की जाती है. हम भी आप की पूजा करते हैं. हम वाणी से आप की उपासना करते हैं. वज्रधारी इंद्र हमारे सभी पथ सुपथ बनाने की कृपा करें. (४) ebook converter DEMO Watermarks*