भारतकोश
साम्ब पुराण (श्री एस. एन. खण्डेलवाल हिन्दी व्याख्या सहित)

साम्ब पुराण (श्री एस. एन. खण्डेलवाल हिन्दी व्याख्या सहित)

Samba Purana Hindi

महर्षि वेदव्यास (व्याख्याकार: श्री एस. एन. खण्डेलवाल) द्वारा

स्रोत: Sri Samba Purana with Hindi Commentary by Sri S. N. Khandelwal (उद्गम)

DevanagariHindipublished424 पृष्ठ

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८ श्रीसाम्बपुराणम्

ब्रह्मा, विष्णु, शिव आदि देवताओं को केवल श्रुति में (शब्दों में सुना जाता है, देखा नहीं जा सकता) सुना गया है; किन्तु सूर्य तो प्रत्यक्षरूपेण अन्धकार के नाशक परम देवता हैं। इसीलिये शुभ चाहने वाले लोगों के लिये अन्यत्र भक्ति करनी उचित नहीं है। जिन्हें प्रत्यक्ष नहीं देखा जा सकता, उन ब्रह्मादि देवगण की अप्रत्यक्ष में अनिश्चयता विद्यमान है। अतएव हे राजन्! तुम सर्वदा भगवान् सूर्य की आराधना करो। ये ही सम्पूर्ण जगत् के माता-पिता तथा गुरु भी हैं।।१९-२१।।

श्रीसाम्बपुराण का आदित्य-महिमा नामक द्वितीय अध्याय समाप्त