साम्ब पुराण (श्री एस. एन. खण्डेलवाल हिन्दी व्याख्या सहित)

साम्ब पुराण (श्री एस. एन. खण्डेलवाल हिन्दी व्याख्या सहित)
Samba Purana Hindi
महर्षि वेदव्यास (व्याख्याकार: श्री एस. एन. खण्डेलवाल) द्वारा
स्रोत: Sri Samba Purana with Hindi Commentary by Sri S. N. Khandelwal (उद्गम)
DevanagariHindipublished424 पृष्ठ
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अष्टसप्ततितमोऽध्यायः ३८५
पवित्र जल में हाथ-पैर धोये। धीरे-धीरे चले। शून्य गृह अथवा वृक्ष के नीचे आश्रय न ले। मौनी होकर हृदयाधिपति का ध्यान करते हुये देहत्याग करे। देवता तथा गुरु को देखकर मन ही मन उनका पूजन करे॥८-९॥
स खल्वावर्त्तयस्त्वेवं शिवं शुद्धयत्यसंशयम्।
पुनरावर्त्तिनो न स्युः सर्वतन्त्राधिकारिणः ॥१०॥
इति श्रीसाम्बपुराणे ज्ञानोत्तरे अष्टसप्ततितमोऽध्यायः
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वह इस प्रकार का मंगल आचरण करके अवश्य शुद्ध हो जाता है। सभी तन्त्रों के अधिकारीगण पुनः जन्म नहीं लेते॥१०॥
श्रीसाम्बपुराणोक्त ज्ञानोत्तर संन्यास मार्ग नामक अठहत्तरवाँ अध्याय समाप्त
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