सम्पूर्ण चिकित्सा
Sampoorna Chikitsa
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा
स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंसोराइसिस गिला हैं जिसमें खून भी निकलता है, पस भी निकलता है उसको यह औषधि पूर्णरूप से ठीक कर देता है। अक्सर यह एक्सीडेंट के केस में खूब प्रयोग होता है। क्योंकि ये लगाते ही खून बंद हो जाता है। आपरेशन का कोई भी घाव के लिए भी यह सबसे अच्छा औषधि है। गीला एक्जीमा में यह औषधि बहुत काम करता है, जले हुए जख्म में भी काम करता है।
चूना खाने के फायदे
भारत के जो लोग चूने से पान खाते हैं, बहुत होशियार लोग हैं, पर तंबाकू नहीं खाना, तम्बाकू जहर हैं और चूना अमृत हैं, तो चूना खाइए, तम्बाकू मत खाइए और पान खाइए चूने का उसमें कल्था मत लगाइए, कल्था कैसर करता है, पान में सुपारी मत डालिए सोंट डालिए, उसमें इलाइची, लौंग, केसर डालिए।
महिलाओं के लिए गर्भाशय की बीमारियों में यह बहुत अच्छा काम करता है जैसे कि सफेद पानी आना, लाल पानी आना, माहवारी आगे-पीछे होना, गर्भाशय में गांठ बन जाना तथा अन्य सभी गर्भाशय से जुड़ी बीमारियों को चूना ठीक करता है। बाल टूटना, चेहरे के मुहांसे, हड्डी के टूटने पर, जोड़ों के दर्द में, हीमोग्लोबिन का प्रतिशत कम हो तो, हैपेटाईटिस A,B,C,D,E स्मरण शक्ति कम हो तो, हाथी पैर हो गया तो इन सब बीमारियों में चूना दही में अथवा पानी में मिला कर लेना चाहिए। पुरुषों में शुक्राणु बढ़ाने के लिए चूना गन्ने या संतरे या मौसमी के रस में लेना चाहिए। 14 साल से कम आयु के बच्चे जिनका कद छोटा हो, महिलाएं जिनमें वक्ष का कम विकास हो, दांतों की किसी भी तरह की समस्या, इन सबमें चूनेका सेवन करना लाभदायक है। मात्रा – एक गेहूँ के दाने बराबर दिन में एक बार जोड़ों का दर्द यदि बहुत पुराना हो भले 20 से 30 साल पुराना हो या जब डॉक्टर कहे कि घुटने बलदने पड़ेंगे उस समय चूना काम नहीं करेगा। उसको चूने की जगह हारश्रृंगार के पत्तों का काढ़ा देना पड़ेगा। इस पेड़ के 7-8 पत्तों को बारीक पीस कर चटनी जैसा बनाकर एक गिलास पानी में उबालें, आधा गिलास रह जाने
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