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सम्पूर्ण चिकित्सा

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Sampoorna Chikitsa

राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना (ऋषि वाग्भट्ट अष्टांगह्रदयम् आधारित) द्वारा

स्रोत: Hindi Ayurvedic Chikitsa based on Ashtanga Hridayam · Swadeshi Robin Basrana · 2018 (उद्गम)

DevanagariHindipublished115 पृष्ठ

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प्रकरणों में आ चुकी हैं। किसी विशेष बीमारी की वजह से बालों के पकने या झड़ने की समस्या हो तो उसका इलाज कराएं। बालों की समस्याओं से निजात पाने के लिए होम्योपैथी में बहुत ही कारगर इलाज मौजूद हैं, बशर्ते लक्षणों से मेल खाती उपयुक्त दवा का चयन हो जाए। जड़ी-बूटियों से आंतरिक चिकित्सा के लिए कुछ कारगर नुस्खे तो खैर आगे दिए ही जा रहे हैं।

आंतरिक चिकित्सा के साथ-साथ बालों की बाहरी देखभाल भी जरूरी हैं, पहली बात यह कि सिर की मालिश प्रतिदिन या एकाध दिन के अंतर पर अवश्य करें। इससे त्वचा में रक्त संचार सुचारू रूप से होगा और बालों की जड़ों तक पोषण आसानी से पहुँचेगा। मालिश के लिए आप दिन तेल बदल-बदलकर न इस्तेमाल करें। कोई एक अपने अनुकूल अच्छा तेल चुन लें और नियमित इसी से मालिश करें। सिर धोने की कई देशी विधियाँ आगे दी गई हैं, उन्हें अपनाएँ तो अच्छा लाभ मिलेगा। धूम्रपान, क्रोध, अधिक रात्रि जागरण, वनस्पति घी, तेल, मिर्च, मसालों से जितना बच सकें, उतना ही बेहतर रहेगा। खान-पान का सुधार रखते हुए भोजन में आँवले का नियमित प्रयोग बालों की सेहत के लिए विशेष लाभप्रद है। आँवले के स्थान पर आमलकी रसायन का भी प्रयोग करके लाभ उठाया जा सकता है। इतनी सावधानियों के साथ आप जरूरी लगे तो नीचे दिए जा रहे नुस्खे आजमाएं और बालों की समस्याओं से निजात पाएं।

  • • आपके बाल झड़ना शुरू हो रहें हो तो आँवले के रस में शहद मिलाकर सिर में मालिश करें।
  • • आँवला चूर्ण मेंहदी के साथ पीसकर बालों में लेप करने से बाल घने और काले होते हैं।
  • • पिसी हुई सूखी मेंहदी 1 कप, कल्था 1 चम्मच, दही 1 चम्मच, नींबू का रस 1 चम्मच, पिंसा कॉफी पाउडर 1 चम्मच, आँवला चूर्ण 1 चम्मच, ब्रह्मी बूटी का चूर्ण 1 चम्मच, सूखे पोदीने का चूर्ण 1 चम्मच ।
  • • इन सभी चीजें को एक में मिलकर गाढ़ा लेप बन सकें, इतने पानी में भिगों दें। दो ढाई घण्टे बाद इस लेप को सिर में बालों की

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