भारतकोश
सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

Sampurna Chanakya Niti & Rajaniti Sutras

आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) द्वारा

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वयसः परिणामेऽपि यः खलः खलः एव सः। सुपक्वमपि माधुर्यं नोपयातीन्द्रवारुणम्॥ जो दुष्ट है, वह उम्र के अन्तिम पड़ाव तक दुष्ट ही रहता है। जिस प्रकार इन्द्रायण का फल पक जाने पर भी अपनी कटुता नहीं छोड़ता और मीठा नहीं हो जाता।।21।। यह किसी-किसी का स्वाभाविक गुण बन जाता है जो जीवन-भर उसका पीछा नहीं छोड़ता। वह जैसा है आखिर तक वैसा ही रहता है। 137