भारतकोश
सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

Sampurna Chanakya Niti & Rajaniti Sutras

आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) द्वारा

DevanagariHindipublished196 पृष्ठ

पृष्ठ 29, कुल 196 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 29

का भोजन निश्चित रूप से स्त्री से अधिक है। लज्जा के बारे में निश्चित ही कहा जा सकता है कि स्त्री में लज्जा पुरुष से कहीं अधिक होती है। स्त्री पुरुष की भांति बेशर्म नहीं हो सकती। तीसरे, साहस के मामले में भी पुरुष स्त्री से कहीं अधिक साहसी होता है परंतु सहनशीलता में स्त्री पुरुष से मीलों आगे है। स्त्री के मन की थाह पाना आसान नहीं है। वह अत्यन्त साहस के साथ कितनी ही निजी जीवन की बातों को छिपाकर रख सकती है। जहां तक उसमें काम-भावना की बात है, तो पुरुष ही उससे अधिक कामी दिखाई पड़ता है। स्त्री एक पुरुष के साथ सारा जीवन गुजार सकती है, पर एक कामुक पुरुष एक स्त्री से संतुष्ट नहीं हो पाता। इतना अवश्य सुना है कि स्त्री जब कामांध होती है, तब उसे रोक पाना किसी के भी बूते के बाहर होता है। यदि इसे चाणक्य ने आधार माना है तो ठीक ही है। 27