भारतकोश
सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र

Sampurna Chanakya Niti & Rajaniti Sutras

आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) द्वारा

DevanagariHindipublished196 पृष्ठ

पृष्ठ 42, कुल 196 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 42

समाने शोभते प्रीतिः राज्ञि सेवा च शोभते। वाणिज्यं व्यवहारेषु दिव्या स्त्री शोभते गृहे॥ मित्रता बराबर वालों में शोभा पाती है, नौकरी राजा की अच्छी होती है, व्यवहार में कुशल व्यापारी और घर में सुंदर स्त्री शोभा पाती है॥20॥ मित्रता कभी भी दो स्तर वालों में सफल नहीं होती। एक-सा स्वभाव, एक समान समाज में जीवन स्तर, एक-से कर्म दो व्यक्तियों के बीच में मित्रता के आधार हो सकते हैं। नौकरी हमेशा सरकारी अच्छी होती है क्योंकि इसमें स्थायित्व होता है। जो व्यापारी चतुर और व्यवहार-कुशल होता है, वह इस समाज में सम्मान का पात्र होता है और सुंदर स्त्री घर में ही शोभनीय होती है। 40