सम्पूर्ण चाणक्य नीति एवं राजनीति सूत्र
Sampurna Chanakya Niti & Rajaniti Sutras
आचार्य चाणक्य (विष्णुगुप्त / कौटिल्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंहै, भाषण अर्थात उसकी बोली से देश का पता चलता है, विशेष आदर-सत्कार से उसके प्रेमभाव का तथा उसके शरीर से भोजन का पता चलता है।।2।। मनुष्य के स्वभाव से, उसकी बातचीत से, उसके व्यवहार से और उसके शरीर से कितनी ही बातों का पता बिना परिचय के ही लगाया जा सकता है, जो आदमी शान्त और शील स्वभाव का होगा, जिसका आचरण, व्यवहार आदि सहृदय होगा, वह व्यक्ति निश्चित रूप से उच्च कुल का होगा, परंतु जिसका व्यवहार दुष्टता से भरा होगा, वह निश्चय ही नीच खानदान का होगा। इसी प्रकार आदमी की बोल-चाल से उसके स्थान का पता चल जाता है कि वह कहां का रहने वाला है, क्योंकि उसकी बोली में स्थानीय शब्दों का पुट आ जाता है। आदमी के आदर-सत्कार से उसके प्रेमभाव का पता चल जाता है कि वह सच्चा है अथवा झूठा या दिखावटी है। इसी तरह आदमी के स्वस्थ और दुबले-पतले शरीर को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह आदमी कैसी खुराक खाता होगा। ये सभी सामान्य बातें हैं। कभी-कभी अति मृदु व्यवहार करने वाला व्यक्ति अत्यन्त दुष्ट व चालाक निकलता है और अत्यधिक दुबला-पतला व्यक्ति बहुत ज्यादा खाना खाता है। अपवाद सभी जगह मिल जाते हैं। सुकुले योजयेत्कन्यां पुत्रं विद्यासु योजयेत्। व्यसने योजयेच्छत्रुं मित्रं धर्मे नियोजयेत्॥ कन्या का विवाह अच्छे कुल में करना चाहिए। पुत्र को विद्या के साथ जोड़ना चाहिए। दुश्मन को विपत्ति में डालना चाहिए और मित्र को अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए॥3॥ आचार्य चाणक्य का कथन है कि समझदार व्यक्ति 42 CC0 Vashishtha Tripathi Collection. Digitized by eGangotri