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संतति शास्त्र

संतति शास्त्र

Santati Shastra

पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव द्वारा

स्रोत: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (उद्गम)

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गर्भ न रहनेके कारण ।

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कफके दूषित वीर्यसे ।

१. ऐसे वीर्यका रक्त सफेदी में पीलापन लिये होता है, अतएव इससे गर्भ नहीं रहता ।

४. खूनके दूषित वीर्यसे ।

१. इस रोग में वीर्य का रंग लाल होता है, अतएव ऐसे दूषित वीर्य से गर्भ नहीं रहता ।

५. कफ और वायुके दूषित वीर्यसे ।

१. ऐसे वीर्य में गांठ पड़ जाती हैं, अतएव दूषित हो जाता है और गर्भ नहीं रहता ।

६. पित्त और कफके दूषित वीर्यसे ।

१. ऐसे वीर्यमें बदबू आती है और वीर्य पीप के समान हो जाता है । अतएव इससे गर्भ नहीं रहता ।

७. पित्तऔर वायुके दूषित वीर्यसे ।

१. ऐसा वीर्य कमज़ोर रहता है । अतएव इससे गर्भ नहीं रहता ।

८. वात, पित्त और कफके दूषित वीर्य से ।

१. ऐसे वीर्यमें मलमूत्रकी बदबू सी आती है, अतएव दूषित होने से गर्भ नहीं रहता ।

२४-लिंगके अत्यन्त मोटे और टेढ़े होनेसे ।

१. ऐसी दशामें वीर्य उस स्थान पर नहीं पहुँच सकता जहाँ पर कि वीर्य को पहुँचना चाहिये । अतएव गर्भ नहीं रहता । (रत्नशिखर)

(३) स्त्री और पुरुषके मिले हुए दोषोंसे ।

२५. स्त्री पुरुष दोनोंके एक साथ स्वलिप्त न होनेसे ।

१. गर्भ तभी रहता है जब कि स्त्री और पुरुष दोनों एक

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