भारतकोश
संतति शास्त्र

संतति शास्त्र

Santati Shastra

पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव द्वारा

स्रोत: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (उद्गम)

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सन्तति-शास्त्र ।

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( ४ )

स्त्री-सम्भोगके बाद पुरुषको चाहिये कि वह अपने लिंगको साफ़ करे और पेशाब करे जिससे कि वीर्यका अंश जो मूत्रमार्गमें रह गया हो, वह बाहर निकल जाय ।

इसके बाद पुरुषको हाथ-मुँह धोकर या स्नान करके (यदि रातको सम्भोग किया गया हो तो) सो जाना चाहिये ।

रातको सम्भोगके बाद यदि प्यास लगे तो थोड़ा-सा ठण्डा पानी पीना चाहिये, गरम दूध या चाय आदि नहीं पीना चाहिये ।

प्रातःकाल उठकर एक गिलास ताजा पानी पीना और शौचादिसे निवृत्त होकर थोड़ा व्यायाम करना चाहिये ।

स्त्रीको चाहिये कि वह सम्भोगके बाद थोड़ी देर चित्त पड़ी रहे, जिससे कि गर्भाधानमें सहायता मिले । यदि सन्तान न चाहना हो तो तुरन्त उठकर गर्म पानीसे योनि-मार्गको धो डालना चाहिये ।

सम्भोगके बाद स्त्रीको भी पेशाब करना और हाथ-मुँह धोना चाहिये ।

सम्भोगके समय दोनोंको प्रसन्नचित्त और शान्त रहना चाहिये । किसी प्रकारका भय, चिन्ता या क्रोध मनमें नहीं होना चाहिये ।