भारतकोश
सर्वदर्शनसंग्रह (षोडश दर्शन विमर्श - हिन्दी अनुवाद)

सर्वदर्शनसंग्रह (षोडश दर्शन विमर्श - हिन्दी अनुवाद)

Sarva-Darshana-Sangraha with Hindi Commentary

माधवाचार्य (विद्यारण्य स्वामी) / पं. उमाशंकर शर्मा ऋषि द्वारा

DevanagariHindipublished316 पृष्ठ

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दर्शनम् ] भाषाटीकासमेत । ( ९७ ) सहस्रं तच्छंबरस्याशुगामिना। बालस्य रक्षता देहमेकैकं तेन सूदितम् ॥ इत्यादौ विचित्रार्थसर्गसमर्थस्य पारमार्थिकस्यैवासु- राद्यस्त्रविशेषस्यैव मायाशब्दाभिधेयत्वोपलम्भात् अतो न कदाचिदपि श्रुत्यानिर्वचनीयाज्ञानप्रतिपादनम् ॥ १८ ॥ मायाशब्दके अनिर्वचनीयार्थकत्वका खण्डन करते हैं-(मायान्विति) मायाशब्द विचित्र सृष्टि करनेमें समर्थ त्रिगुणात्मक प्रकृतिवाची है अनिर्वचनीय अविद्या- वाची नहीं है । उक्तार्थमें प्रमाण भी देते हैं-(तेन मायेति) यह कथा विष्णुपुराणकी है पर्वतके शिखरसे नीचे गिराना अग्निमें डालना आदि अनेक उपायोंसे जब प्रह्लाद नहीं मरा तब हिरण्यकश्यपुकी आज्ञासे बालकको मारनेके लिये शम्बरा- सुरने असंख्य माया रची उसको देखकर अति वेगवान् सुदर्शन चक्रने बालकके देहकी रक्षा करतेहुए शम्बरासुरकी समस्तमायाको एक एक करके नष्ट करदिया यहाँ पर विचित्रकार्यकरनेमे समर्थ पारमार्थिक असुरादि अस्त्रविशेषका बोधक मायाशब्द है इसलिये श्रुतिस्मृतिमें कही भी अनिर्वचनीय अविद्याका प्रतिपादन नहीं है ॥ १८ ॥ नाप्यैक्योपदेशानुपपत्त्या तत्त्वंपदयोः सविशेषब्रह्माभिधेयत्वेन विरुद्धयोर्जीवपरयोः स्वरूपैक्यस्य प्रतिपत्तुमशक्यतया अर्था- पत्तेरनुदयदोषदूषितत्वात् ॥ तथाहि तत्पदं निरस्तसमस्तदो- षमनवधिकातिशयासङ्ख्येयकल्याणगुणास्पदं जगदुदयविभव- लयलीलं ब्रह्म प्रतिपादयति 'तदैक्षत बहु स्यां प्रजायेये'त्यादिषु तस्यैव प्रकृतत्वात् सामानाधिकरणं त्वंपदं वा चिद्विशिष्टं जी- वशरीरं ब्रह्माचष्टे प्रकारद्वयविशिष्टैकवस्तुपरत्वात् सामानाधि- करण्यस्य ॥ १९ ॥ तत्त्वमसीत्यादि श्रुतिसे जीव और ब्रह्मका अभेद बोधित होता है यह अभेद तब होसकेगा जब परमार्थतः जीव ब्रह्म व्यतिरिक्त न हो, किन्तु ब्रह्मही जीवभावको प्राप्त होगया हो अत तादृश निर्विशेषब्रह्मके भेदप्रतिपादक श्रुतिबलसे स्वरूपतिरोधान पूर्वक जीवभाव प्राप्तिका हेतु अवश्य मानना होगा वह हेतु यदि सत् हो तो उत्तर- कालमें उसका बाध नहीं होता । यदि असत् हो तो प्रतीति नहीं होती अतः सदसत् विलक्षण अनिर्वचनीय माया सिद्ध होगी इस अभिप्रायसे आशङ्का करते हैं-(नाप्यै- ७

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