शिव संहिता (भगवान् शिव प्रणीत - हठयोग एवं राजयोग सटीक)
Shiva Samhita with Hindi Commentary
भगवान् शिव / पं. मिहिरचन्द्र द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपंचमपटलः। ( १२५) म्बनम्॥ ताम्बूलभक्ष्यानानि राज्यैश्वर्य- विभूतयः ॥३॥ हेमं रौप्यं तथा ताम्रं रत्न- श्चागुरुधेनवः॥पाण्डित्यं वेदशास्त्राणि नृ- त्यं गीतं विभूषणम् ॥४॥ वंशी वीणा मृद- ङ्गाश्च गजेंद्रश्चाश्ववाहनम् ॥ दारापत्यानि विषया विघ्ना एते प्रकीर्तिताः॥ भोगरूपा इमे विघ्ना धर्मरूपानिमाञ्छृणु ॥ ५॥ टीका-नारीसंसर्ग शय्या उत्तमआसन वस्त्र धन यह सब मोक्षके प्रति विडम्बना हैं ताम्बूलसेवन रथ शिविका आदि सवारी राजऐश्वर्य भोग स्वर्ण रजत ताम्र अनेकप्रकारके रत्न गोधन आदिका संग्रह पा- ण्डित्य करना वेदशास्त्रमें तर्क करना नृत्य गीत भूषण वंशी वीणा मृदङ्गादिक वाद्य बजाना गज अश्व आदि वाहन स्त्री पुत्र केवल गुरूकी सेवा छोडके हे पार्वती यह जो कहा है सो भोगरूप विघ्न है अब धर्मरूप विघ्न कहतेहैं श्रवण करो ॥ ३ ॥ ४ ॥ ५ ॥ अथ धर्मरूपयोगविघ्नकथनम् । मूलम्-स्नानं पूजाविधिर्होमं तथा मोक्ष- मयी स्थितिः ॥ व्रतोपवासनियममौ-