शिव संहिता (भगवान् शिव प्रणीत - हठयोग एवं राजयोग सटीक)
Shiva Samhita with Hindi Commentary
भगवान् शिव / पं. मिहिरचन्द्र द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ४० ) शिवसंहिता भाषाटीकासमेता । मूलम्-सार्धलक्षत्रयं नाड्यः सन्ति देहान्तरे नृणाम् ॥ प्रधानभूता नाड्यस्तु तासु मु- ख्याश्चतुर्दश ॥ १३ ॥ सुषुम्नेडा पिंगला च गांधारी हस्तिजिह्विका ॥ कुहूः सरस्व- ती पूषा शंखिनी च पयस्विनी ॥१४॥ वा- रुणालम्बुसा चैव विश्वोदरी यशस्विनी ॥ एतासु तिस्रो मुख्याः स्युः पिङ्गलेडा सु- षुम्निका ॥ १५ ॥ टीका-शरीरमें बहुत नाडी हैं परंतु उनमें प्रधान नाडी साढेतीन लक्षहैं उनमेंसे मुख्य यह चौदह ना- डी हैं १ सुषुम्णा २ इडा ३ पिङ्गला ४ गान्धारी ५ हस्ति- जिह्वा ६ कुहू ७ सरस्वती ८ पूषा ९ शंखिनी १० पय- स्विनी ११ वारुणा १२ अलंबुसा १३ विश्वोदरी १४ यश- स्विनी इन चौदहमें भी तीन नाडी मुख्यहैं इडा, पिङ्ग- ला, सुषुम्णा ॥ १३ ॥१४ ॥ १५ ॥ मूलम्-तिसृष्वेका सुषुम्नैव मुख्या सा योगिवल्लभा ॥ अन्यास्तदाश्रयं कृत्वा नाड्यः सन्ति हि देहिनाम् ॥ १६ ॥ टीका-इडा, पिङ्गला, सुषुम्णा इन तीन नाडियोंमें