शिवदृष्टि (सोमानन्दनाथ - उत्पलदेवाचार्य वृत्ति सहित काश्मीर प्रत्यभिज्ञा मूल दर्शन सटीक)

शिवदृष्टि (सोमानन्दनाथ - उत्पलदेवाचार्य वृत्ति सहित काश्मीर प्रत्यभिज्ञा मूल दर्शन सटीक)
Shivadrishti of Somanandanatha with Utpaladeva Vritti
सोमानन्दनाथ (वृत्ति: उत्पलदेव) द्वारा
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१५८ शिवदृष्टिः आ०-६ नानात्मभावे शैवे वा शैवे वाभेदवादिनि। सर्वस्य सर्वरूपत्वं सर्वात्मत्वमवारितम् ॥ १२५ ॥ अनन्तशक्तियोगित्वादलुप्तत्वात् स्वशक्तिषु। स्थितं शिवत्वं सर्वत्र विशेषाच्छैववादिनाम् ॥ १२६ ॥ एकत्वेन ततो ज्ञेया शिवता सर्वगोचरा ॥ इति श्रीमद्दर्शनानतिरेकं नाम षष्ठमाह्निकम् ॥