श्री गुरु गीता (स्कन्द पुराण - उमा-महेश्वर संवाद सान्वय सटीक)
Shri Guru Gita from Skanda Purana with Hindi Commentary
भगवान् शिव / महर्षि वेदव्यास / डॉ. मोतीलाल खद्दर शास्त्री द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंसनातन धर्म आज भी अपने मूल रूप में सुरक्षित है. भगवान श्री कृष्ण ने बाल्यकाल से ही दैवीय सम्पत्ति की स्थापना तथा आसुरी सम्पत्ति का विनाश प्रारम्भ कर दिया था. श्रीमद्भगवत् गीता के रूप में सम्पूर्ण सनातन मतावलम्बी लोगों के लिये प्रेरणा स्रोत बना हुआ है. आद्य शंकराचार्य जी ने श्रीमद्भगवद्गीता पर भाष्य लिखकर उसके भाव को प्रकाशित किया. उन्होंने अनेक मत-मतान्तरों में बिखर रहे भारतवर्ष को एक सूत्र में आबद्ध किया. उक्त संकलन माननीय डॉ. श्री मोती लाल खड्डर जी ने स्कन्दपुराण, वामकेश्वर तन्त्र, आद्य शंकराचार्य विरचित गुरोरष्टक सभी को पढ़कर किया है। गुरु भक्तजन आत्म कल्याण के भागी बनें, यही गुरुदेव से प्रार्थना है कि सब का कल्याण हो. 23.04.2019 न गुरोरधिकं न गुरोरधिकम् ॐ शम् आचार्य ॐ नारायण द्विवेदः शास्त्री श्री पीताम्बरा-पीठ, दतिया (म.प्र.) (8)