श्री राम कथा में भारत की सभी समस्याओं का समाधान
Shri Ram Katha Mein Bharat Ki Sabhi Samasyaon Ka Samadhan
राजीव दीक्षित / रोबिन बसराना द्वारा
स्रोत: Rashtraniti & Ram Katha Discourse · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंडुबो देगा यह पक्का है, हमने ऐसा डिजाइन किया है, इतने माइक्रो लेवल का डिजाइन करके पुल बनाया है, मैं एक इंजीनियर का विद्यार्थी इसलिए मैं समझ सकता हूँ कि चार पैर का जो वजन होता है वह जब डिस्टीब्यूट होता है, और दो पैरों का जो वजन होता है वह डिस्टीब्यूट नहीं होता है, तो धरती पर वजन दो पैरों का ज्यादा होता है चार पैर का बहुत कम, और बंदर दुनिया में बहुत अद्भुत चार पैर वाला है जिसका वजन सबसे कम पड़ता है। बंदर के अलावा जितने भी चार पैर वाले हैं जैसे शेर है चीता है, बब्बर शेर है, जिनमें वजन कई गुना ज्यादा है तो आप कहेंगे कि बंदर का साइज तो बहुत कम है बंदर के बराबर जितने भी जानवर हैं, उनका भी वजन धरती पर ज्यादा पड़ता है लेकिन बंदर का नहीं पड़ता क्योंकि बंदर पूरा पंजा कभी नहीं रखता है उंगलियों के पोरों से जंप लगाता है, और उसमें लगातार क्षमता है कूदने की, तो नल नील कहते हैं हमारी सेना में तो वानर ज्यादा है इसलिए चिंता मत करो यह पार जाएंगे लेकिन उधर से आएंये तो डूब जाएंगे, ऐसी डिजाइन हमने तैयार की है”।
श्री राम पूछ रहे हैं “इसकी दूसरी विशेषता बताओ”
नल-नील – “दूसरी विशेषता यह है कि अगर यह पुल बनेगा तो जब तक आप नहीं कहेंगे तब तक यह टूटेगा नहीं तो”
श्री राम – “मेरे कहने से मतलब”
नल-नील - “आपके जो बाण हैं इनमें एक ही बाण ऐसा है जो इसको तोड़ने की शक्ति रखता है बाकी से टूटने वाला नहीं, वह जब तक आप नहीं चलाएंगे तब तक टूटने वाला नहीं” तो पूछ रहे हैं क्यों? तो नल नील कह रहे हैं “हमने जो केमिकल लगाया है इसमें वह एक कैलकुलेशन करके लगाया है कि उसका रिएक्शन राम के बाण से ही हो बाकी किसी बाण से नहीं हो। तो खोज कर ऐसा केमिकल लाए।
आप जानते हैं कि बाण के सामने जो तीर की नोक होती है उसमें केमिकल लगाकर ही चलाए जाते हैं तो उनको मालूम है कि राम के बाण में किस तरीके के केमिकल है और पुल में किस तरीके के केमिकल इस्तेमाल करने हैं और किस तरीके के नहीं करने हैं, फिर वह कहते हैं कि हां हम इस पुल से जाएंगे और वापस जब आएंगे तो यह कितने दिन टिकने वाला है, तो वह कहते जब तक आप चाहे तब, अगर आप चाहेंगे तो हम लोग लौटने के बाद इसको खत्म कर देंगे, इस तरीके की विशेषताओं वाला पुल बनाकर वह गए हैं लंका में, और रावण को मार कर लौटे हैं, लौटने के बाद विभीषण को को बात कहकर जा रहे हैं उनमें से एक यह है, कि यह तुम्हारी इच्छा है इस पुल को चाहो तो तुम रखो, चाहो तो इस पुल को तोड़ दो, बाण मेरा यह है जब चाहे जब मेरा स्मरण करके इसको तोड़ दो। विभीषण को राजा बना दिया उसको उसकी गद्दी सौंप दी, अब विदा ले रहे हैं तो विभीषण पूछ रहा है कि “इसको कैसे चलाऊं अपने राज्य को? तो भगवान राम एक ही बात कहते हैं, “देखो, अभी मैंने सत्ता का हस्ताक्षरण करवाया है, प्रशासन व्यवस्था वही है, जो रावण के जमाने की है, जब तक तुम इस पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को नहीं बदलोगे, तो तुम्हारे राज्य की किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। ट्रांसफर ऑफ पॉवर हुआ है रावण की