श्रीमद्भागवत महापुराण

श्रीमद्भागवत महापुराण
Shrimad Bhagavata Mahapurana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
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इन्द्रने उसे ढूँढ़नेके लिये सरमा नामकी एक दूतीको भेजा था। सरमासे दैत्योंने सन्धि करनी चाही, परन्तु सरमाने सन्धि न करके इन्द्रकी स्तुति करते हुए कहा था—‘हता इन्द्रेण पणयः शयध्वम्’ (हे पणिगण! तुम इन्द्रके हाथसे मरकर पृथ्वीपर सो जाओ, इसी शापके कारण उन्हें सदा इन्द्रका डर लगा रहता है।