श्रीमद्भागवत महापुराण
Shrimad Bhagavata Mahapurana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
पृष्ठ 8, कुल 1617 में से
संदर्भ में पढ़ें॥ श्रीहरिः ॥
विषय-सूची
प्रथम खण्ड
श्रीमद्भागवतमाहात्म्य
१-देवर्षि नारदकी भक्तिसे भेंट
२-भक्तिका दुःख दूर करनेके लिये नारदजीका उद्योग
३-भक्तिके कष्टकी निवृत्ति
४-गोकर्णोपाख्यान प्रारम्भ
५-धुन्धुकारीको प्रेतयोनिकी प्राप्ति और उससे उद्धार
६-सप्ताहयज्ञकी विधि
प्रथम स्कन्ध
१-श्रीसूतजीसे शौनकादि ऋषियोंका प्रश्न
२-भगवत्कथा और भगवद्भक्तिका माहात्म्य
३-भगवान्के अवतारोंका वर्णन
४-महर्षि व्यासका असंतोष
५-भगवान्के यश-कीर्तनकी महिमा और देवर्षि नारदजीका पूर्वचरित्र
६-नारदजीके पूर्वचरित्रका शेष भाग
७-अश्वत्थामाद्वारा द्रौपदीके पुत्रोंका मारा जाना और अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाका मानमर्दन
८-गर्भमें परीक्षित्की रक्षा, कुन्तीके द्वारा भगवान्की स्तुति और युधिष्ठिरका शोक
९-युधिष्ठिरादिका भीष्मजीके पास जाना और भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति करते हुए भीष्मजीका प्राणत्याग करना
१०-श्रीकृष्णका द्वारका-गमन
११-द्वारकामें श्रीकृष्णका राजोचित स्वागत
१२-परीक्षित्का जन्म
१३-विदुरजीके उपदेशसे धृतराष्ट्र और गान्धारीका वनमें जाना