भारतकोश
श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण

Shrimad Valmiki Ramayana

महर्षि वाल्मीकि द्वारा

DevanagariHindipublished2,621 पृष्ठ

पृष्ठ 1993, कुल 2621 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1993

युद्धस्थलमें अत्यन्त बलशाली और मेघके समान विशाल अतिकायको धराशायी करके लक्ष्मण बड़े प्रसन्न हुए। वे उस समय वानर-समूहोंसे सम्मानित हो तुरंत ही श्रीरामचन्द्रजीके पास गये॥ ११६ ॥

इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें इकहत्तरवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ७१ ॥