भारतकोश
शृंगार शतक

शृंगार शतक

Shringar Shatak

भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा

स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)

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दोहा ।

कामिनिको अबला कहत, ते नर मूढ़ अचेत ।

इन्द्रादिक जीते हगन, सो अबला किहि हैत ? ॥१०॥

सा—स्त्रियाँ अपनी एक नजरसे भूतलके ज्वर्दस्त-से-ज्वर्दस्त योद्धाको पराजित कर सकती हैं, इसलिये उन्हें “अबला” कहना भूल है ।

10. Those great poets who have called women powerless have surely thought just in the opposite way. How can they be said to be so whose casting of the moving eye-lids subdues even Indra and others.

नृतमाहाकरस्तस्याः सुश्रुवो मकरञ्जः ।

यतस्तन्नेवर्षचारसूचितेषु प्रवर्तते ॥११॥

कामदेव निश्चय ही सुन्दर भौहवाली स्त्रियोंकी आज्ञा पालन करनेवाला चाकर है ; क्योंकि जिनपर उनके कटाक्ष पड़ते हैं, उन्हींको वह जा दवाता है ॥११॥

खुलासा—निस्सन्देह, कामदेव सुन्दर भौहवाली स्त्रियोंकी आज्ञाके अशक्ती होकर चलने वाला सेवक है। वह उनके इशारों पर चलता है। जिसकी ओर वे सेन कर देती हैं; वह उन्हींको जा मारता है। अबल, तो स्त्रियाँ स्वयं ही बल-चती होती हैं। अपने ही कटाक्षोंसे बड़े-बड़े शूरवीरोंके डकके