शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें१४ हरिदास एण्ड कम्पनी, २०१ हरिसन रोड, कलकत्ता।
खानेसे मनुष्य पूर्ण बलवान, वीर्यवान और पुष्ट हो सकता है। उसका वीर्य कपूरके समान सफेद, पत्थरके समान वजनी और प्रसंगमें देर तक ठहरने और आनन्द देने वाला हो जाता है। हमने इन दवाओंसे ३० वर्षमें हजारों रोगी आराम किये हैं। जबदी करनेसे इतना बल आ नहीं सकता। जो दस बीस दिनोंमें धातु रोग आराम करनेका दावा करते हैं, वे लोगोंको फुसला कर ठगते हैं। हमें भगवान्का भय है , इसलिए मिथ्या लिखना और कहना पसन्द नहीं। यश-अपयश तो भगवानके हाथ है।
कितना खर्च पड़ेगा ?
पहले ४० दिनमें १५) का धातु पुष्टिकर, ॥८) का उदरशोधन (दवा शुद्ध करनेसे पहले पेट साफ कर लेना परमावश्यक है) और ३२) रु० का दो सेर “चन्दनादि तेल”। इस तरह ४७॥८) खर्च होगा।
दूसरे ४० दिनमें २०) का कामदेव चूर्ण और ३२) का चन्दनादि तेल, इस तरह ५२) खर्च होगा।
तीसरे ४० दिनमें १५) की बंगेश्वर या १५) की मृगनाभ्यादि बट्टी और ३२) का चन्दनादि तेल खर्च होगा, इस तरह ४७) रु० खर्च होगा।
चौथे ४० दिनमें ५०) अम्रक भस्म और ३२) का चन्दनादि तेल, इस तरह ८२) खर्च होगा।
कुल मिलाकर ४७॥८)+५२)+४७)+८२)=२२८॥८) खर्च