शृंगार शतक
Shringar Shatak
भर्तृहरि / अनुवादक: हरिदास वैद्य द्वारा
स्रोत: Shringar Shatak - Haridas Vaidya · हरिदास एण्ड कम्पनी, कलकत्ता / Digital Library of India (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंहरिदास एण्ड कम्पनी, २०१ हरिसन रोड, कलकत्ता । १५
होगा । जो धनी हैं, जिन्हें रुपयोंका मोह नहीं है, वे ऊपर लिखी चीजें सेवन करके खी-भोगका सुख लूटें । सूरज पुरबका पच्छममें उदय हो, तभी यह दवाएँ फेल हो सकती हैं । ५० की खरीद पर २०) सैकड़ा और २२८) की खरीद पर ३०) सैकड़ा कमीशन मिलेगा ; यानी २२८) की दवा लेने वालेको प्रायः १६०) रु० देने होंगे । लेकिन १६०) रुपये पहले भेज देनेसे ही यह रियायत होगी ।
गरीबोंके लिए ।
हमारा धातुपुष्टिकर चूर्ण २ महीने और कामदेव चूर्ण २ महीने खाना । चाहिये, इसके बाद हो सके तो ८० गोली मुग्नाभ्यादि बटी खा लेनी चाहिये । शरीरमें काली तिलोंका तेल लगा कर नहाना चाहिये । २ महीनेके धातुपुष्टिकरका दाम प्रायः २०), कामदेवका २८) और मुग्नाभ्यादि बटीका १५) खर्च होगा । यद्यपि ऊपरके इलाजकी बराबरी तो यह इलाज कर न सकेगा, पर इसमें शक नहीं कि, जिन्दगीका मजा आजायगा ।
किफायत ।
जो सज्जन ६०) से ऊपर की दवा खरीदेंगे, उन्हें ६०) की जगह ४५) रु० देना होगा । जो सज्जन २००) से ऊपरकी दवा इकट्ठी लेंगे उन्हें २००) की दवा १४०) में मिलेगी, डाक या रेल-खर्च खरीदारोंको देना होगा ।