शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)

शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)
Shukra Niti of Shukracharya Hindi
महर्षि शुक्राचार्य द्वारा
स्रोत: Shukra Niti with Vidyodini Sanskrit-Hindi Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
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|---|---|---|---|
| स्त्रियों के नैमित्तिक कृत्यों का निर्देश | २४० | जात्यनुकूल पूज्य देव तथा गृह के गृह बनाने के स्थान का निर्देश | २४७ |
| रजस्वला स्त्री की शुद्धि के समय का निर्देश | २४१ | ग्राम के चौराहे पर विष्णु आदि के मन्दिर बनाने का निर्देश | ,, |
| पतिव्रता स्त्रियों के कर्त्तव्यों का निर्देश | ,, | मेरु आदि मन्दिर के १६ प्रकारों का सलक्षण निर्देश | ,, |
| पति के समान अन्य स्वामी और पति-सेवा समान अन्य सुख का निषेध | २४२ | मेर्वादिकों के अनुसार उनके मण्डपों के प्रमाणों का निर्देश | २४८ |
| शूद्र धर्म का निर्देश | ” | ध्यान योग में प्रतिमा की साधन-मुख्यता का निर्देश | ,, |
| संकर जाति के नियम का निर्देश | ” | बालु से लेकर धातु पर्यन्त की बनी प्रतिमाओं की उत्तरोत्तर स्थिरता की अधिकता का निर्देश | ,, |
| राजा को स्वर्णकारादिकों को सदा कार्य में नियुक्त करने निर्देश | २४३ | शास्त्रोक्त तथा अन्यथा रीति से बनी प्रतिमा के फल | ,, |
| मदिरागृह को ग्राम से पृथक् रखने का निर्देश | २४४ | देव-प्रतिमा की शुभकारिता मानव-प्रतिमा की अशुभकारिता का निर्देश | ,, |
| दिन में मद्य पीने के निषेध का निर्देश | ,, | सात्त्विकी आदि तीन प्रकार की प्रतिमाओं का निर्देश | २४९ |
| वृक्षारोपण और पोषण के नियम | ,, | सात्त्विकी प्रतिमा के लक्षण | ,, |
| ग्राम्य वृक्षों के नामों का निर्देश | ,, | राजसी प्रतिमा के लक्षण | ,, |
| बगीचा लगाने के स्थान का निर्देश | २४५ | तामसी प्रतिमा के लक्षण | ,, |
| वृक्षों को ऋतुभेद से सींचने के समयों का निर्देश | ,, | अंगुलादिकों के प्रमाणों का निर्देश | २५० |
| वृक्ष के नष्ट न होने का उपाय | ,, | वामनी, मानुषी, दैवी, राक्षसी प्रतिमाओं के लक्षण | ,, |
| वृक्षों के फल-पुष्प-वृद्धि का उपाय | ,, | स्त्री देवता तथा वामन भगवान की प्रतिमा की ऊँचाई का प्रमाण | ,, |
| आरण्य-वृक्षों के रोपण के स्थान और नामों का निर्देश | ,, | नर-नारायणादि की प्रतिमाओं की ऊँचाई का प्रमाण | ,, |
| कूपादि में उतरने योग्य सीढ़ियों के बनाने का निर्देश | २४६ | ||
| देश में विपुल जल होने एवं पुल आदि बनवाने का प्रबन्ध करने का निर्देश | ,, |