शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)

शुक्र नीति (महर्षि शुक्राचार्य - हिन्दी टीका सहित)
Shukra Niti of Shukracharya Hindi
महर्षि शुक्राचार्य द्वारा
स्रोत: Shukra Niti with Vidyodini Sanskrit-Hindi Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished526 पृष्ठ
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| विषय | पृष्ठ | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|---|
| शुक्ल-संज्ञक अश्व के लक्षण तथा फल | ३४१ | अश्वों के कुठारवादि दोष उत्पन्न होने के कारण | ३४५ |
| अनिष्टकारक अश्वों के लक्षण | ,, | घोड़े की अच्छी तथा बुरी चाल होने में शिक्षक की कारणता का निर्देश | ,, |
| धूमकेतु-संज्ञक भौंरी के लक्षण व फल | ,, | घोड़ों के सुशिक्षक के लक्षण | ,, |
| कृतान्त-संज्ञक भौंरी के लक्षण व फल | ,, | अश्व-सुशिक्षक के कृत्यों का निर्देश | ३४६ |
| घोड़े के पूंछ के शुभाशुभ फल | ,, | अन्यथा ताडन करने से अनिष्ट | ,, |
| भौरियों के अशुभप्रद स्थानों का निर्देश | ३४२ | उत्तम और हीन घोड़े की गति का प्रमाण | ,, |
| आवर्त्त भौरियोंके शुभप्रद स्थानों का निर्देश | ,, | उत्तमादि मण्डलों के प्रमाणों का निर्देश | ३४७ |
| सूर्य-चन्द्रसंज्ञक भौंरी के स्थानानुसार शुभाशुभ फल का निर्देश | ,, | ऋतु के भेद से अश्वशिक्षा के समय में भेद का निर्देश | ,, |
| शुभाशुभ फलप्रद भौंरो के स्थानों का निर्देश | ,, | वर्षर्तु में और विषम भूमि में घोड़े को चलाने का निषेध | ,, |
| एकशृङ्गी तथा एकरश्मि-संज्ञक भौंरी के लक्षण व फल | ३४३ | उत्तमगति से अश्व के फल का निर्देश | ,, |
| कीलोत्पाटी व मध्यम आवर्त्तों के लक्षण व फल | ,, | थके हुए अश्व को धीरे-धीरे चलाने का एवं उनके भक्षणार्थ हितकारक पदार्थ देने का निर्देश | ,, |
| पञ्चकल्याण व अष्टमङ्गल अश्व के लक्षण व फल | ,, | मोच आये अंग पर घोड़े को चाबुक न मारने का निर्देश | ३४८ |
| श्यामकणं अश्व के लक्षण | ,, | मार्ग से चलकर आये हुए घोड़े को गुड़ तथा लवण देने का निर्देश | ,, |
| जयमङ्गल अश्व के लक्षण | ३४४ | पसीना शान्त होने पर लगाम उतारने का निर्देश | ,, |
| निन्दित अश्व के लक्षण | ,, | घोड़ों के अङ्गों को मलकर फेरने का निर्देश | ,, |
| अश्वों की श्रेष्ठ गति के लक्षण | ,, | घोड़ों को मद्य व मांसरस देने का फल | ,, |
| निन्दित 'दलभंजी' अश्व के लक्षण | ,, | ||
| स्निग्ध वर्ण होने से सर्व वर्णगत दोष-नाशकता का निर्देश | ३४५ | ||
| आवर्त्तादिदोष से दूषित होने पर भी पूजनीय अश्व के लक्षण | ,, |