शुकसप्तति : एक आलोचनात्मक अध्ययन

शुकसप्तति : एक आलोचनात्मक अध्ययन
Shuksaptati: Ek Alochanatmak Adhyayan
श्रीमती हिमांशु द्विवेदी द्वारा
DevanagariHindipublished208 पृष्ठ
पृष्ठ 134, कुल 208 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 134
दृष्टिगत होते है। विभिन्न रग-रूप, वेशभूषा, आकृति और आचरणों वाले पात्रों का समावेश इस कथा चक्र को और भी रोचक बना देता है। समाज के सभी वर्ग इन कथाओं में आते हैं। अन्य पात्रों की एक सामान्य संगणना निम्न प्रकार है—
(पहली कथा)
- राजा : विक्रमसेन
- सेठ : हरिदत्त
- मित्र : त्रिविक्रम नामक ब्राह्मण
- हरिदत्त की पत्नी का नाम : शृङ्गार सुन्दरी
- हरिदत्त के पुत्र का नाम : मदन विनोद
- मदनविनोद की पत्नी का नाम : प्रभावती
- प्रभावती के पिता का नाम : सोमदत्त नामक सेठ
- नीतिनिपुण : शुक, सारिका
- ब्राह्मण : सत्यशर्मा
- सत्यशर्मा की पत्नी का नाम : धर्मशीला
- सत्यशर्मा के पुत्र का नाम : देवशर्मा
- नारायण नामक ब्राह्मण 13 धर्मव्याध नामक मास विक्रेता
- धर्मव्याध के माता पिता
- गुणचन्द्र नामक परपुरुष :
- राजा : भीम
- सेठ : मोहन
- सेठ का पुत्र : सुधन
- नगर निवासी : हरिदत्त
[ 124 ]